• Nationbuzz News Editor

बदायूं के सात डॉक्टरों को सेवा समाप्ति का नोटिस, डॉक्टरों की कमी वैसे ही है


खबर नेशन बज यूपी। बदायूं जिले में चिकित्सा एंव स्वास्थ्य विभाग के पास डॉक्टरों की कमी वैसे ही है और चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो रही है। ऐसी स्थिति में तमाम डॉक्टर ऐसे हैं जो केवल कागजों में नाम चल रहे हैं। ऐसे सरकारी डॉक्टरों को बाहर का रास्ता दिखाना शुरू कर दिया है। सरकार ने सात डॉक्टरों को सेवा समाप्ति का नोटिस दिया है। सीएमओ डॉ. यशपाल सिंह को शासन स्तर से डॉक्टरों की सेवा समाप्ति के लिए नोटिस आदेश प्रमुख सचिव चिकित्सा ने जारी किया है। जिसमें सीएमओ व सीएमएस के माध्यम से तैनात नियमित सात डॉक्टरों को नोटिस देकर एक महीने में जवाब सहित शासन स्तर पर तैनाती मांगी है।


डॉक्टरों को नोटिस आदेश तो आठ फरवरी को हुआ था, लेकिन विभाग को भनक दस दिन बाद लगी है। अब डॉक्टरों को नोटिस भेज दिए गए हैं और आठ मार्च तक का समय दिया गया है, अगर आठ मार्च तक जवाब देकर तैनाती नहीं ली तो सेवा समाप्त कर दी जाएगी। जिले में 177 डॉक्टरों के पद सीएमओ के अधीन स्वीकृत हैं। जिसमें से वर्तमान में 99 डॉक्टर कम चल रहे हैं। ऐसे में पांच डॉक्टरों की सेवा और समाप्त कर दी जाएगी।


यह हैं सीएमओ अधीन डॉक्टर

जिले की सीएचसी पीएचसी पर सीएमओ के अधीन तैनात डॉक्टरों की सेवा समाप्ति का नोटिस आया है। जिसमें डॉ. गौस मोहम्मद आसफपुर जो एक अक्टूबर 2018 से गायब हैं, वहीं डॉ. योगेंद्र सिंह मीना बिसौली एक अप्रैल 2018 से गायब हैं, डॉ. साहिल दहगवां एक मई 2018 से गायब चल रहे हैं। इनके अलावा डॉ. सचिन जगत 11 अप्रैल 2017 से गायब चल रहे हैं। जिनकी सेवा समाप्ती को नोटिस दिया गया है।


यह हैं जिला अस्पताल के डॉक्टर

जिला पुरुष अस्पताल में डॉक्टरों की लिस्ट देंखेंगे तो 48 डॉक्टरों की तैनाती दिखाई देगी। मगर वर्तमान में एक नहीं कई डॉक्टर नहीं मिलेंगे, वह गायब चल रहे हैं। ऐसे डॉक्टरों की सूची में तीन के नाम सरकार को गए थे। जिसमें से तीन को सेवा समाप्ति का नोटिस दिया है। जिसमें डॉ. अवशेष कुमार एक मार्च 2018 से गायब हैं, डॉ. अभिषेक शाह 25 जनवरी 2018 से गायब, डॉ. आशीष गुप्ता एक अप्रैल 2018 से गायब चल रहे हैं।


पिछले दिनों शासन ने गायब डॉक्टरों की रिपोर्ट मांगी होगी, उस पर अब प्रमुख सचिव चिकित्सा का आदेश आया है। चार मेरे अधीन हैं तथा तीन जिला पुरुष अस्पताल के हैं सेवा समाप्ति का नोटिस दिया है जो संबधित डॉक्टर को भिजवा दिया है। आठ मार्च तक शासन में जाकर तैनाती नहीं लेते हैं तो सेवा समाप्त हो जाएगी। यह सभी नियमित डॉक्टर हैं।

डॉ. यशपाल सिंह, सीएमओ




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