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एंबुलेंस नहीं पहुंची, प्रसव के बाद गर्भवती ने तोड़ा दम गाड़ी के स्टाफ पर लापरवाही का आरोप


यूपी बदायूं। हड़ताल के बाद एंबुलेंस गाड़ियां नए चालकों के हाथ वापस लौट तो आयी हैं लेकिन समय पर गाड़ियां नसीब नहीं हो पा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग पहले की तरह सिस्टम स्थापित नहीं कर पाया है इसलिये एंबुलेंस न मिलने से गांव गड़रपुरा में प्रसूता ने घर पर ही बच्ची को जन्म देने के बाद दम तोड़ दिया। आक्रोशित घर वालों ने बिल्सी नगर के सीएचसी के एंबुलेंस गाड़ी के स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया है।


तहसील क्षेत्र के गांव गड़रपुरा निवासी दिनेश शाक्य पुत्र सोहनपाल की गर्मवती पत्नी भगवानदेवी को बीती बुधवार की शाम प्रसव पीड़ा हुयी। जिसके बाद पति दिनेश और परिवार के लोगों ने भगवानदेवी को बिल्सी सीएचसी पर भर्ती कराने के लिए गांव में तैनात आशा को इसकी सूचना दी। जिस पर आशा ने एंबुलेंस बुलाने की बात कही। बताया गया कि थोड़ी देर में एंबुलेंस आ रही है लेकिन एंबुलेंस यहां नहीं पंहुची।


प्रसव पीड़ा से तड़प रही भगवानदेवी ने घर पर बच्ची को जन्म दिया। जिसके बाद उसकी हालत और बिगड़ गई और कुछ देर बाद भगवानदेवी ने दम तोड़ दिया। परिवार का कहना है कि यदि समय पर एंबुलेंस पहुंच जाती तो शायद भगवानदेवी की जान अस्पताल पहुंचकर बच जाती। गुरुवार की सुबह परिवार के लोगों ने बलदाऊ मंदिर के पीछे बने श्मशान घाट पर उसका अंतिम संस्कार कर दिया।


बुधवार की दोपहर में कर्मचारियों से एंबुलेंस वापस लेकर संचालित कर दी गयी थीं, सभी प्वाइंटों पर एंबुलेंस लगा दी हैं। महिला की मौत के मामले में जानकारी नहीं है। न ही कोई शिकायत करने आया है। फोन के बाद एंबुलेंस नहीं पहुंची तो गलत बात है। एमओआईसी और एंबुलेंस प्रभारी से जानकारी की जायेगी।

डॉ. विक्रम सिंह पुंडीर, सीएमओ