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बदायूं में आधार कार्ड बनबाने को वसूली के खेल से आवेदक परेशान, निशुल्क का भी कई गुना रेट


यूपी बदायूं। आधार कार्ड बनवाना और उसमें नाम-पते का संशोधन कराना लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। संशोधन का निर्धारित शुल्क 50 रुपया प्रति आवेदन है लेकिन डेढ़ सौ से ढाई सौ रुपये तक वसूली की जा रही है। नया आधार कार्ड तो बिल्कुल फ्री बनाने का नियम है। फिर भी आवेदकों को डेढ़-सौ रुपया या ढाई सौ रुपये चुकाने पड़ रहे हैं।


नगर में आधार कार्डों में संशोधन के पांच सेंटर हैं। इनमें दो बैंक, दो निजी कंपनी के सेंटर और डाकघर शामिल है। शहर के जोगीपुरा में स्थित डाकघर समेत और कई अन्य जगहों पर आधार कार्डों में संशोधन या नए बनवाने के लिए कई लोगों से वसूली की खबर है।

कछला रोड पर कश्यप बस्ती और पंखा रोड स्थित कॉमन सर्विस सेंटर समेत दोनों बैंक अपने कैंपस में आधार बनाने और संशोधन का कार्य करती हैं। प्रथमा सर्व यूपी ग्रामीण बैंक का नई दिल्ली की एक कंपनी से करार है। हालांकि सभी सेंटरों पर एक समान वसूली नहीं की जाती लेकिन आवेदकों में छतुइया निवासी रमेश चंद्र और पीरनगर के प्रेमपाल की मानें तो उनके आधार कार्ड में नाम गलत था। संशोधन कराने के लिए उन्हें डेढ़-डेढ़ सौ रुपये चुकाने पड़े। कोई अगर प्रतिवाद करता है तो सौ रुपये में भी काम चल जाता है। वैसे, आधार कार्ड में बायोमीट्रिक संशोधन का शुल्क 50 रुपया है। करीब चार-पांच महीने पहले तक संशोधन का शुल्क साढ़े सत्रह रुपया था।


कछला निवासी दीक्षा को स्कूल में आधार कार्ड की जरूरत पड़ी तो उससे भी शुल्क से अधिक रुपये वसूले गए। दीक्षा की तरह तमाम छात्र और छात्राओं को आधार कार्ड बनवाने के लिए अपने अभिभावकों की जेब हल्की करानी पड़ी। शनिवार को अरुण और अजर अली को भी निजी कंपनी के सेंटर पर वसूली का शिकार होना पड़ा। बता दें कि नए आधार कार्ड बनवाने के लिए सरकारी स्तर से कोई शुल्क नहीं है। कोई कंपनी या फिर बैंक नया आधार कार्ड बनाती है तो उसे सरकार की ओर से कमीशन प्राप्त होता है। नए कार्ड के लिए दो सौ रुपये तक ले लिए जाते हैं। श्रीनारायणगंज मोहल्ले के दीपक ने बताया कि उसने बैंक में वसूली का विरोध किया तो उसका आवेदन फीड करने से इंकार कर दिया गया।


आधार कार्ड में संशोधन का 50 रुपया शुल्क निर्धारित है। इस धनराशि से अधिक रुपये अगर किसी सेंटर पर वसूल किए जा रहे हैं तो सच्चाई का पता लगाकर कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने पर सेंटर का रजिस्ट्रेशन भी रद्द किया जा सकता है। - शोभित माहेश्वरी, जिला प्रबंधक, कॉमन सर्विस सेंटर।

एक-दो आवेदकों ने आधार कार्ड संशोधन में शिकायत की है। बैंक में जिस व्यक्ति को निजी कंपनी ने नियुक्त किया है, उसे चेतावनी दे दी गई है। अगर फिर भी वसूली की जाती है तो कंपनी के अफसरों को भी अवगत कराया जाएगा। - विजय बब्बर, मैनेजर, प्रथमा सर्व यूपी ग्रामीण बैंक