• Nationbuzz News Editor

डीएम, एसएसपी की छापेमारी के बाद भी दलालों का मुँह एआरटीओ कार्यालय से दूर नहीं हुआ


यूपी बदायूं। डीएम, एसएसपी की छापेमारी के बाद भी दलालों का मोह एआरटीओ कार्यालय से दूर नहीं हुआ। दूसरे दिन बुधवार को दलालों ने काम शुरू कर दिया। दुकानें सील होने पर दलालों ने अपने अड्डे एआरटीओ कार्यालय के पीछे ही बाजरा और धान खेत के किनारे बना लिये। खेत किनारे ठेलों पर कंप्यूटर और प्रिंटर रखकर कामकाज किया।


इधर, एआरटीओ कार्यालय में जरूर सन्नाटा पसरा रहा। कार्यालय में सिर्फ आवेदकों को ही प्रवेश दिया गया।डीएम कुमार प्रशांत, एसएसपी संकल्प शर्मा ने एआरटीओ दफ्तर में व्याप्त अवस्थाओं को सुधारने एवं दलालों की धरपकड़ के लिए मंगलवार को भारी पुलिस फोर्स के साथ छापेमारी की थी।


डीएम की छापेमारी में कई दलाल पकड़े गए। डीएम ने कार्यालय के बाहर स्थाई एवं अस्थाई अतिक्रमण को भी जेसीबी से हटवा दिया। लेकिन डीएम की छापेमारी के दूसरे दिन ही फिर से कामगाज शुरू कर दिया। सुबह में कार्यालय गेट पर एकत्र हुए दलालों को एआरटीओ प्रवर्तन सुहेल अहमद ने दौड़ा दिया। कार्यालय में सिर्फ आवेदकों को ही प्रवेश दिया।


बाबुओं ने भी उनके काम निपटाये।बटोरते रहे मलबाछापेमारी के दौरान अस्थाई एवं स्थाई अतिक्रमण को जेसीबी से ध्वस्त करा दिया था। दूसरे दिन सुबह ही यहां लोग पहुंचे और दोपहर तक मलबा बटोरकर ले गये। एआरटीओ कार्यालय से गुरजने वाला हर कोई पूछ रहा था, कि भीड़ वाले स्थान पर सन्नाटा कैसा है।दलाल निकालते थे फाइलेंएआरटीओ कार्यालय में स्टाफ तो है नहीं इसलिए अधिकारी भी लंबे समय से दलालों से काम लेते आये हैं।


छापा के बाद बुधवार को दलाल दूर रहे तो एआरटीओ कार्यालय में फाइलें उठाने एवं निकालने वाला कोई नहीं था। कई लोगों को तो बिना विभागीय कार्य कराए वापस जाना पड़ा है।


डीएम के छापा के बाद से पूरी सख्ती बरती जा रही है, कार्यालय के अंदर उन्हीं लोगों को प्रवेश दिया है जिनका विभागीय कार्य था। खेतों में काम करने वाले दलालों की जानकारी नहीं है, लेकिन कार्यालय में किसी को प्रवेश नहीं है।


सोहेल अहमद, एआरटीओ प्रशासन/प्रवर्तन

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