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आश्रम पद्धति विद्यालय की सभी 28 छात्राएं स्वस्थ्य, दूसरे दिन मिली अस्पताल से छुट्टी अब स्वस्थ


बदायूं। दातागंज समरेर स्थित आश्रम पद्धति विद्यालय की अस्पताल में भर्ती सभी 28 छात्राएं अब स्वस्थ हैं। इनको अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। शनिवार को विषाक्त भोजन करने के बाद 30 छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई थी। इनमें उल्टी-दस्त और पेट में तेज दर्द की शिकायत पर 20 छात्राओं को समरेर और आठ को दातागंज सीएचसी में भर्ती कराया गया था। आरती नाम की एक छात्रा को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था।


राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय के पर्यवेक्षण का काम बतौर प्रभारी प्रधानाचार्य जिला समाज कल्याण अधिकारी रामजनम देखते हैं। यहां संध्या कश्यप वार्डन और जशोधरा वर्मा फार्मासिस्ट हैं। विद्यालय में कुल 370 छात्राएं पंजीकृत हैं। शनिवार को नवरात्र के पहले दिन विद्यालय में 165 छात्राएं थीं। इनमें ज्यादातर छात्राओं का व्रत था। रात के खाने में अरहर की दाल, लौकी और आलू की सब्जी के साथ रोटी और चावल बने थे। भोजन खाने के बाद फूड प्वाइजन से 30 छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई थी। इनमें 28 को अस्पताल में भर्ती किया गया था। इनमें अनुराधा, गौरी, रीना, सृष्टि, कविता, शिवा, निशा, आकांक्षा, भारती, सलोनी, काजल, सरिता, मधु सागर, सुनीति, अनुराधा, रोशनी, प्रगति, श्यामगीता, मोनिका, रीना, शिवांगी, आरती, अंजली, उलहैती, मधु और मंगला को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। स्वस्थ होने के बाद सोमवार को सभी छात्राओं को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। छात्राएं अब अपने घरों पर हैं।


इधर, खाद्य सुरक्षा औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने चावल, दाल, आटा, रिफाइंड और पके हुए भोजन के कुल आठ सैंपल जांच के लिए लखनऊ प्रयोगशाला भेज दिए हैं। डीएम की ओर से गठित जांच टीम ने भी मामले में पड़ताल शुरू कर दी है। अब तक फूड प्वाइजनिंग का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा औषधि प्रशासन चंद्रशेखर मिश्रा ने बताया कि सैंपल जांच को भेज दिए गए हैं।

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बदइंतजामी पर उंगली उठाने वाली छात्राओं को फेल करने की धमकी

दातागंज। विद्यालय में बदइंतजामी पर उंगली उठाने वाली छात्राओं को फेल करने की धमकी दी गई है। इससे वे घबराई हुई हैं। छात्राओं के परिवार वालों का कहना है कि विद्यालय में दो तरह का भोजन बनता है। जो भोजन छात्राओं को दिया जाता है वह स्टाफ के लोग नहीं करते। विद्यालय में मिलने वाली अन्य निशुल्क सुविधाएं भी छात्राओं को नहीं मिलतीं।


दरअसल, बात करने पर कई छात्राओं ने शनिवार को विद्यालय में बदइंतजामी के बारे में बताया था। उन्होंने यह भी बताया था कि दैनिक उपयोग का सामान वे अपने घर से लाती हैं। विद्यालय में यूनिफार्म और जूते तक नहीं मिलतेष सोबरनपुर की छात्रा सृष्टि की मां मनीषा, बुझिया की रीना की मां गुड्डी, अभयपुर की कविता की मां मंजू का कहना है कि बेटियां डरी हुई हैं। अस्पताल में भर्ती करने के दौरान ही उनसे मुंह न खोलने के लिए कहा गया। सोमवार को जब अखबारों में बेटियों की बात छपी तो स्कूल का स्टाफ और भी नाराज हो गया है।

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छात्राएं पूरी तरह से स्वस्थ्य हैं। उनको अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। विद्यालय में बनाया जाने वाला भोजन विद्यालय का स्टाफ भी करें ऐसा कोई नियम नहीं है। अगर स्टाफ बाहर से भोजन करना चाहता है तो कर सकता है। खाने-पीने के सामान में क्या कमी थी और छात्राएं क्यों बीमार हुईं यह जांच के बाद ही साफ हो सकेगा।

रामजनम, समाज कल्याण अधिकारी