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केवल दो-तीन चौराहों का सौंदर्यीकरण कराकर विकास का सिर्फ ढिंढोरा पीटा जा रहा हैं, आबिद रजा


यूपी बदायूं। शहर के आरफीन हॉल में दलित समाज का सम्मेलन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री आबिद रजा रहे। दलित समाज के सम्मेलन में जाटव समाज ,प्रजापति समाज, धोबी समाज,संतगाडके समाज,माली समाज, पासी समाज आदि के 80 गांव के संभ्रांत लोगों ने हिस्सा लिया तथा आबिद रजा को विधायक बनाने का संकल्प लिया।


ज्ञात रहे इससे पहले पूर्व मंत्री आबिद रजा यादव समाज, क्षत्रिय समाज ,कुर्मी समाज, कश्यप समाज, मौर्य समाज पाली समाज, लोधी समाज व अल्पसंख्यक समाज (देहात) समाज का सम्मेलन आयोजित कर चुके हैं जिसमें हजारों लोग अपने अपने समाज के हिस्सा ले चुके हैं। सन 2022 के चुनाव में पूर्व मंत्री अबिद रज़ा को पूरी मेहनत से विधायक बनाने का संकल्प ले चुके हैं। उपरोक्त सर्व समाज ने आबिद रज़ा के विधायक रहते हुए उनकी कार्यशैली को सराहा तथा उनको नेता माना है ।दलित समाज के सम्मेलन में वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा जब आबिद रजा बदायूं शहर के चेयरमैन व विधायक रहे तब आबिद रजा ने दलित समाज के काम किए तथा दलित समाज के हर दुख दर्द में आबिद रजा दलित समाज के साथ खड़े रहे।


दलित समाज के सभ्रान्त लोगों ने यह भी कहा आबिद रजा ने अपने चेयरमैनी के कार्यकाल में शहर में बाबा अंबेडकर पार्क का सौंदर्यीकरण कराया ।।(महिला अस्पताल के सामने) अंबेडकर पार्क में आज भी आबिद रजा का पत्थर लगा है तथा बिना भेदभाव के देहात इलाके में दलित समाज के लोगों का सम्मान करते हुए सभी आवश्यक कार्य कराए दलित समाज के साधारण से व्यक्ति को सलारपुर ब्लाक का प्रमुख बनाया। शहर के शहबाजपुर व लोटनपुरा बस्ती में सड़के बनबाई तथा शहर के नेकपुर इलाके में आबिद रज़ा ने अपने कार्यकाल में लाखों रुपये की सड़कें बनबाई।


इसलिए आज पूरा दलित समाज इस सम्मेलन में संकल्प लेता है कि आबिद रजा किसी भी राजनैतिक पार्टी से 2022 का चुनाव लड़े ।दलित समाज आबिद रजा के साथ खड़ा रहेगा क्योंकि आबिद रज़ा जैसा मजबूत नेता बदायूं में कोई और नहीं ।दलित समाज के सात लोगों ने मुकुट पहनाकर तथा 14 लोगों ने पगड़ी पहनाकर आबिद रजा को सम्मानित किया और दलित समाज के लोगों ने यह भी कहा कि आबिद रजा की खास विशेषता यह है कि जो आबिद रज़ा वादा करते हैं उसको 95% पूरा करने की कोशिश करते हैं ।जनता को ,दलित समाज को आबिद रज़ा की यह विशेषता बहुत पसंद है। यही विशेषता आबिद रजा को बेहद लोकप्रिय बनाती है। सलारपुर ब्लॉक का प्रमुख व कुँवरगांव का चेयरमैन भी आबिद रजा ने अपने कार्यकाल में दलित समाज का बनाया था।


सम्मेलन में पूर्व मंत्री आबिद रजा ने कहा दलित समाज एक भोला-भाला समाज है नेताओं ने बदायूं में दलित समाज को सिर्फ वोट लेने के लिए इस्तेमाल किया है विकास के नाम पर, समाज की तरक्की के नाम पर झूठा आश्वासन व दलित समाज को बहका ने व गुमराह करने का प्रयास किया है। मौजूदा विधायक ने दलित बस्तियों में न सड़के बनबाई न शिक्षा के लिए दलित समाज में कोई स्कूल बनवाया। 2017 के बाद दलित समाज के गांव में कोई विकास नहीं हुआ है साढ़े 4 साल में दलित समाज के साथ सिर्फ दिखावा हुआ है।


हम आपसे वादा करते हैं कि आप हमें वोट देकर सन 2022 में विधायक बनाइए हम आपके समाज के लिए सार्थक काम करने का प्रयास करेंगे आपके समाज का सम्मान करेंगे आपके समाज के हर दुख दर्द में कंधे से कंधा मिलाकर आपके साथ खड़े रहेंगे ।मौजूदा विधायक ने सरकार में नगर विकास मंत्री होने के बाद भी नगर विकास विभाग से बदायूं विधानसभा से शहर व देहात में कोई विकास कार्य नहीं कराया हमारे कार्यकाल के विकास कार्यों पर नाम बदलकर सिर्फ अपना पत्थर लगाने का काम किया। हाल में भी आसरा आवास जो हमने बनवाए थे उसकी चाबियां बाँट कर शहर की गरीब जनता को गुमराह करने का कार्य किया है। शिक्षा के क्षेत्र में हमने 2 आवासीय इंटर कॉलेज असिस् बर्खिन व युसूफनगर गांव में बनवाए थे कई जूनियर हाई स्कूल बनवाए तथा बदायूं शहर में हमने लड़कियों का डिग्री कॉलेज घंटाघर पर बनवाया था मौजूदा विधायक ने शिक्षा के क्षेत्र में बदायूं विधानसभा में कोई स्कूल नहीं बनवाए।


केवल दो-तीन चौराहों का सौंदर्यीकरण कराकर विकास का ढिंढोरा पीट रहे हैं । हमने गरीब रिक्शे वालो को 350 ई रिक्शा माननीय आजम साहब से स्वीकृत कराकर बांटे थे ।चेयरमैन रहते हमने दलित बस्ती ,नेकपुर, शहवाजपुर, लोटनपुर में लाखों रुपए की सड़के बनवाई थी। महिला अस्पताल के सामने अंबेडकर पार्क का सौंदर्यीकरण भी हम ने ही कराया था।


पूर्व मंत्री आबिद रज़ा ने कहा मौजूदा सरकार में मुसलमान व दलित की हालत बद से बदतर रही। देश में भी मुसलमान व दलितों की हालत लगभग एक जैसी है ।हमें इसका एहसास है दलित समाज से यह भी कहा आपके समाज के लिए बाबा भीमराव अंबेडकर जी ने जो सपना देखा था उसको पूरा करने की जिम्मेदारी भी आपके समाज की है अंबेडकर जी के लिए मुसलमान सांसद ने इस्तीफा देकर ओहदा दिलाया था इसलिए अंबेडकर जी भी मुसलमानों से विशेष प्रेम रखते थे इस मुस्लिम दलित प्रेम को बरकरार रखने की जिम्मेदारी भी अब हम लोगों की ही है।