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बदायूं में मृतक की बाइक ट्रांसफर करने वाला एआरटीओ कार्यालय का बाबू निलंबित


यूपी बदायूं। एआरटीओ कार्यालय में हुए फर्जीवाड़े में बाबू मनोज कुमार गौतम को निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ शासन स्तर से जांच चल रही थी। बृहस्पतिवार को शासन के आदेश पर आरटीओ बरेली कमल कुमार गुप्ता ने कार्रवाई की। इसके साथ ही उसे बरेली आरटीओ कार्यालय से अटैच कर दिया गया।


पिछले माह एआरटीओ कार्यालय में कबूलपुरा के एक मृतक की बाइक उसके भाई के नाम ट्रांसफर कर दी गई थी। इसके लिए कार्यालय के बाबू मनोज कुमार गौतम ने मृतक को जीवित दिखाकर उसे कार्यालय में उपस्थित भी दिखाया था। तब उसके फोटो पर हस्ताक्षर किए थे। बाद में यह फाइल एआरटीओ आरबी गुप्ता के पास पहुंची। उन्होंने भी बिना जांच पड़ताल किए उस पर हस्ताक्षर कर दिए। आरोप है कि इसके लिए बाबू ने पंद्रह हजार रुपये लिए।


एक अख़बार ने इस फर्जीवाड़े का खुलासा किया था, तब से एक जांच शासन स्तर से भी चल रही थी। आरटीओ बरेली ने संबंधित बाबू मनोज कुमार गौतम और एआरटीओ आरबी गुप्ता को भी तलब किया था। उनके बयानों के आधार पर उन्होंने जांच रिपोर्ट शासन को भेजी। इधर, एक जांच एसडीएम सदर एसपी वर्मा कर रहे हैं। उन्होंने बुधवार को कार्यालय पहुंचकर तमाम बाबुओं और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए थे। वह किसी नतीजे पर पहुंचते, इससे पहले शासन से आदेश आ गया।

आरटीओ बरेली ने शासन के आदेश पर बाबू मनोज कुमार गौतम को निलंबित कर दिया, साथ ही उसे बरेली कार्यालय में अटैच कर दिया।

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तो क्या पीटीओ भी दे रहे थे फर्जीवाड़ा करने वाले का साथ

एक दिन पहले एसडीएम सदर एसपी वर्मा मामले की जांच करने एआरटीओ कार्यालय पहुंचे थे। उनके पूछने पर पीटीओ (पैसेंजर टैक्स ऑफिसर) मनोज कुमार गौतम को बचाने की कोशिश करते दिखे। उन्होंने अपने बयान में मनोज कुमार को सही ठहराया, फिर भी एसडीएम सदर के सवालों का जवाब नहीं दे पाए। अब बाबू के निलंबित होने से यह साफ हो गया है कि बाबू ने फर्जीवाड़ा किया था।


सुबह शासन से आरटीओ कार्यालय बरेली को आदेश आया था, जिस पर आरटीओ बरेली ने बाबू मनोज कुमार गौतम को निलंबित कर दिया है। उन्हें बरेली कार्यालय में अटैच कर दिया गया है। अभी इसमें जांच चल रही है। आगे क्या कार्रवाई होती है। यह तो बाद में ही पता चलेगा।

विकास कुमार यादव, आरआई एआरटीओ कार्यालय