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बरेली, जायरीनों पर लाठीचार्ज मामले में दरगाह आला हज़रत ने जिला प्रशासन के सामने मांगे रखी


यूपी बरेली। उर्स ए रजवी के दौरान श्यामगंज में जायरीन पर लाठीचार्ज के खिलाफ शुक्रवार को एक बैठक दरगाह के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा कादरी (अहसन मियां) की सदारत में हुई। इसमें दरगाह ने प्रशासन को 14 दिन की और मोहलत दी है। बैठक में लखनऊ से आए मौलाना कमर गनी उस्मानी ने कहा कि दरगाह प्रमुख हजरत सुब्हानी मियां व सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां के साथ मरकज ए अहले सुन्नत व हमारी तहरीक और मुल्क भर के उलमा खड़े हैं। अगर दरगाह की मांगें तय वक्त पर नही मांगी गई तो मुल्क भर के उलमा भी अपनी गिरफ्तारी देंगे।


तंजीम उलेमा ए इस्लाम के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि उर्स के दिन श्यामगंज में जायरीन पर लाठीचार्ज करना बहुत ही अफसोसनाक बात है। बोले, जहां खानदान ए आला हजरत के अफराद का पसीना गिरेगा वहां हम खून बहाने को तैयार है। मौलाना अहसान रजवी ने कहा कि उर्स के जायरीन को प्रशासन द्वारा रोकना मौलिक अधिकारों का हनन है। जिला प्रशासन संजीदगी से दरगाह की मांगों को माने वर्ना मुल्क भर के सुन्नी मुसलमान जेलें भर देंगे। आखिर में दरगाह प्रमुख व सज्जादानशीन की ओर से शासन व प्रशासन के स्तर से किए जा रहे प्रयासों और अब तक मिली कामयाबी पर रोशनी डालते हुए मुफ्ती सलीम नूरी ने कहा कि दरगाह की तरफ से छह मांगे रखी गयी थी जिन पर शासन और प्रशासन के स्तर से कार्रवाई होनी है।


दोनों स्तर पर अब तक चार दौर की वार्ता हो चुकी है। जिस पर कुछ हद तक कामयाबी मिली है। शासन व प्रशासन की तरफ से कानूनी प्रक्रिया को अमली जामा पहनाने के लिए समय मांगा है। हमें उम्मीद है कि प्रशासन ने दरगाह प्रमुख से जो वायदे किए हैं वो वक्त पर पूरा करेगा। इसके बाद दरगाह प्रमुख ने उलमा से सलाह मशिवरा कर अगली बैठक 22 अक्टूबर को देशभर के उलमा के साथ करने का फैसला लिया। मौलाना दानिश की भी जल्द रिहाई हो जाएगी। मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि इसके लिए टीटीएस के परवेज खान नूरी को जिम्मेदारी सौंप दी है। पूरे प्रकरण को लेकर दरगाह प्रमुख व सज्जादानशीन ने दरगाह की ओर से मुफ्ती सलीम नूरी, हाजी जावेद खान, नासिर कुरैशी, अजमल नूरी, शाहिद खान, औररंगजेब नूरी, ताहिर अल्वी को जिम्मेदारी सौंप दी है। वही आज बैठक में बरेली समेत कई जिलों से उलमा शामिल रहे।