गरीबों के खाद्यान्न की कालाबाजारी रोकने के लिए बरेली मंडलायुक्त ने शुरू की नई व्यवस्था


यूपी। खाद्यान्न माफिया पर नकेल कसने और कालाबाजारी रोकने के लिए बरेली मंडल में बुधवार को सिंगल स्टेज डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था लागू करने वाला प्रदेश में पहला मंडल बन गया। मंडलायुक्त आर रमेश कुमार ने जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह, संभागीय खाद्य नियंत्रक जोगिंदर सिंह के साथ परसाखेड़ा स्थित एफसीआइ गोदाम से सिंगल स्टेज डोर स्टेप डिलीवरी के तहत वाहनों को हरी झंडी दिखाकर खाद्यान्न से लदे ट्रकों को रवाना किया। बरेली मंडल प्रदेश का पहला ऐसा मंडल बन गया है। जहां खाद्यान्न सीधे एफसीआइ गोदामों से कोटेदारों तक पहुंचेगा। जिन वाहनों से राशन भेजा जाना है उनमें जीपीएस अनिवार्य किया गया है।


खाद्यान्न वितरण से पहले 20 तारीख तक कोटेदारों की दुकानों तक खाद्यान्न पहुंचाने का काम किया जाएगा। आरएफसी जोगिंदर सिंह ने बताया कि सिंगल स्टेज डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था के तहत भारतीय खाद्य निगम के डिपो से खाद्यान्न सीधे कोटेदारों पहुंचेगा। इससे पहले दो स्तरीय परिवहन हैंडलिंग पुरानी व्यवस्था के तहत डिपो से गोदाम पर और फिर गोदाम से कोटेदारों को खाद्यान्न दिया जाता था। इस नई व्यवस्था से खाद्यान्न माफिया की सक्रियता खत्म हो जाएगी। खाद्यान्न के भंडारण के लिए गोदामों पर बरेली मंडल में हर महीने लगभग दो करोड़ रुपये खर्च होते थे, जिसकी बचत होगी। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था में कोटेदारों को अगर कोई दिक्कत आएगी तो उसका तत्काल निस्तारण किया जाएगा।


इस दौरान उपायुक्त खाद्य रंजन गोयल, संभागीय खाद्य विपणन अधिकारी राम मूर्ति वर्मा, जिलापूर्ति अधिकारी नीरज सिंह, जिला खाद्य विपणन अधिकारी सुनील भारती मौजूद रहे।पहले ही दिन नो इंट्री में फंसा खाद्यान्न लदा ट्रकसिंगल स्टेज व्यवस्था लागू होने के पहले ही दिन एफसीआइ गोदाम से रवाना होने के बाद खाद्यान्न से लदे एक ट्रक को इज्जतनगर थाना क्षेत्र में ट्रैफिक पुलिस द्वारा रोका गया। बताया गया कि चालक ट्रक को नो एंट्री में ले आया था। अधिकारियों की दखल से ट्रक को निकालने की अनुमति दी गई। जिला पूर्ति अधिकारी नीरज सिंह ने बताया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जितने ट्रक हैं उनके नंबर ट्रैफिक पुलिस को बता दिए जाएंगे। ताकि आगे से इस तरह की दिक्कत न आए।