• nationbuzz3

बीएसए ने बाबू का तबादला क्या किया कि रियाटरमेंट के आखिरी दिनों में गंभीर आरोपों के बीच घिर गये


यूपी बदायूं। बीएसए ने बाबू का तबादला क्या किया कि रियाटरमेंट के आखिरी दिनों में गंभीर आरोपों के बीच घिर गये हैं। बीएसए और बाबू के आमने-सामने आने से विभाग की भी खूब फजीहत हो रही है। डीएम ने पूरे मामले की जांच के निर्देश दिये हैं। बीएसए का मामला इतना तूल पकड़ गया है, डीएम ने स्वंय ही संज्ञान ले लिया है।


जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रामपाल सिंह राजपूत का 28 फरवरी के लिये रिटायरमेंट हैं। बीएसए ने 22 फरवरी के लिये मुख्यालय पर तैनात कनिष्ठ लिपिक का उझानी नगर क्षेत्र के लिये तबादला कर दिया और इनके स्थान पर आनन फानन में मृतक आश्रित में एक नियुक्ति कर दूसरे बाबू को तैनात कर दिया। बीएसए ने जल्दबाजी में जो निर्णय लिया है, उसके बीच घिर गये हैं। पहले बाबू और बीएसए आमने सामने आये फिर बाद में जब बाबू की पत्नी कार्यालय पहुंची तो बीएसए पर छेड़छाड़ समेत अन्य गंभीर आरोप लग गये। बाबू का कहना है कि बीएसए ने पूर्व में भी मेरे खिलाफ द्वेषभावना के तहत कार्रवाई की थी। इसके बाद कोर्ट की शरण ली थी, कोर्ट के आदेश पर फिर से मुख्यालय पर ज्वाइनिंग मिल गयी थी। बीते दिनों सहायक अध्यापकों शिक्षकों की भर्ती प्रकिया एवं स्वेटर वितरण कार्य संपन्न कराया।


अब एक साथ बीएसए ने आरोप लगाते हुये कार्रवाई कर दी। बीएसए का आरोप है कि बाबू अनैतिक एवं नियम विरूद्ध कार्य करने के आदि हैं। ऐसे में जनहित एवं विभाग के हित में बाबू का मुख्यालय से तबादला किया गया।


बीएसए कार्यालय में हंगामा


बाबू की पत्नी बीएसए से मिलने पहुंची, इसके कुछ देर बाद कार्यालय में हंगामा हुआ। पुलिस मौके पर पहुंच गयी। पुलिस ने मामला रफादफा करा दिया। इसके बाद बाबू की पत्नी ने डीएम के यहां पहुंचकर पूरे मामले से अवगत कराया।


नियम विरुद्ध किया ट्रांसफर


मुख्य सचिव के 12 मई 2020 के आदेश के क्रम में सरकारी अधिकारी एवं कर्मचारी के ट्रांसफर पर रोक है। किन्हीं कारणों में अगर ट्रांसफर किया जाता है तो सक्षम अधिकारी का अनुमोदन जरूरी है। जबकि बीएसए ने अनुमोदन नहीं लिया। इसलिये नियम विरूद्ध तबादला किया गा है।


तबादला को लेकर बाबू का बीएसए से विवाद हुआ है, दोनों ओर से शिकायत आई है। मामले की जांच कराई जायेगी इसके बाद ही कार्रवाई की जायेगी। DM