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  • Nation Buzz Editor

कोहरे की चादर से ढका बदायूं और सम्पूर्ण उत्तर भारत, पारा 7° सेल्सियस तक गिरा

बदायूं सर्दी की मार से जिला बदायूं जूझ रहा है । कोहरे की चादर ने पूरे इलाक़े को ढका हुआ है । धूप का नाम ओ निशान नहीं है । विभिन्न सामाजिक संगठन अपने अपने तौर पर कहीं कंबल बांट कर तो कहीं अलाओ वगैरह का इंतेजाम कर के सर्दी से राहत दिलाने की कोशिश कर रहे हैं । मगर सर्दी की मार से सर्वाधिक दुष्प्रभाव हमारे देश के भविष्य यानी बच्चों पर पड़ रहा है । समस्त विद्यालय सुबह लगभग 8:30 से 9 बजे की बीच आरंभ हो जाते हैं । समय से विद्यालय पहुंचने के लिए बच्चों को घने कोहरे में 8 से 9 बजे के दरमियान घरों से निकलना होता है ध्यान देने वाली बात ये है कि सर्वाधिक सर्दी रात में न होकर सूर्योदय के समय से सुबह 9 बजे के दरमियान होती है । इसी क्रम में आज का न्यूनतम तापमान सुबह 6:45 पर केवल 7° सेल्सियस रह गया था जिसके चलते अभिभावक बच्चों की सेहत को लेकर काफी चिंतित नज़र आ रहे हैं । देहात और शहर से सटे इलाकों में तो हालात और भी खराब होते हैं । वहीं कुछ अभिभावकों ने तो अगले कुछ दिनों तक बच्चों को विद्यालय न भेजने का मन बना लिया है । यकीनन इसका दुष्प्रभाव बच्चों पर ज़रूर पड़ेगा मगर ये कीमत बच्चों के बीमार होने के कारण उनकी जान पर बन आने पर अदा की जाने वाली क़ीमत से काफ़ी कम है । किसी ने सही ही कहा है कि

जान है तो जहान है


फिलहाल समस्त स्कूल एडमिनिस्ट्रेशन और अभिभावकों और विशेष तौर पर बच्चों की निगाहें टक-टकी लगाए ज़िला प्रशासन के जि़म्मेदार अधिकारियों की ओर देख रही हैं कि कब ज़िला इंतेजा़मिया का आदेश हो और कब विद्यालयों में शीत लहर के चलते अवकाश घोषित हो जिससे की बच्चे और उनके अभिभावक चैन की सांस ले सकें।

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