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माननीय के करीबी की कार का चालान काटने वाला सिपाही लाइन हाजिर


यूपी बदायूं। जिले के एक माननीय की कार का चालान करना आखिर सिपाही को महंगा पड़ गया। एसएसपी डा. ओपी सिंह ने रुटीन तबादलों के बीच चालान करने वाले सिविल लाइंस थाने के सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया। कार्रवाई पर पुलिस कर्मी खुलकर तो कुछ नहीं बोल रहे, लेकिन दबी जुबान यह जरूर कह रहे कि बिना सक्षम अधिकारी की मर्जी से सिपाही किसी का चालान कैसे काट सकता है? सीट बेल्ट न लगाए जाने पर चालान काटना गलत तो नहीं है। घटनाक्रम 29 मई का है। शहर में रहने वाले जिले के एक माननीय की कार कुछ रिश्तेदारों को लेकर लावेला चौक से गुजर रही थी।


माननीय के चालक को सीट बेल्ट न लगाए देख वहां मौजूद सिपाही कुलदीप यादव ने रुकने का इशारा किया। चालक को सीट बेल्ट लगाने की सलाह दी। इस पर चालक ने भी उन्हें ड्यूटी पर टोपी लगाने का नियम बताया। दोनों की कुछ बहस भी हुई। इसके बाद कार का चालान कर दिया गया। बताया गया कि चालान सिपाही ने ही किया। मामला आला अधिकारियों तक पहुंचा तो जांच शुरू हो गई। सीओ सिटी ने सिविल लाइंस इंस्पेक्टर से रिपोर्ट मांगी। इसके बाद सिपाही कुलदीप यादव को लाइन भेज दिया गया। वहीं दूसरी तरफ माननीय की कार का चालान निरस्तीकरण की प्रक्रिया जारी है।


चालान निरस्त की भेजी रिपोर्ट

अफसरों ने आनन-फानन में चालान निरस्तीकरण की रिपोर्ट यातायात मुख्यालय भेज दी। जबकि सिपाही के खिलाफ जांच कराई गई। न सिपाही को चालान का अधिकार था और न यह उसके बस की बात थी, लेकिन SHO के कहने पर उसने कार्रवाई कर दी। अब उसे लाइन हाजिर किया गया है। कुल मिलाकर अगर सिपाही SHO का निर्देश नहीं मानता तो भी कार्रवाई होती, जबकि निर्देश मानने पर माननीय ने उस पर कार्रवाई करा डाली।