• Nationbuzz News Editor

शहर में कब लोगों को मिलेगी मड़ई चौक के इस मौत के कुएं से निजात आखिर सिस्टम क्यों है लचीला


यूपी। बदायूं शहर के मढ़ई चौक एक मेडिकल स्टोर के सामने अभी कुछ दिन पहले खुला हुआ मेन हॉल गड्ढे में जा घुसी गाड़ी का बम्पर टूटा था लेकिन फिर भी कोई जूह नहीं रिंगी ज़िम्मेदार कर रहे किसी बहुत बड़ी दुर्घटना का इन्तिज़ार किसी दिन किसी वक्त हो सकता है बहुत बड़ा हादसा। सड़कों की स्थिति खस्ताहाल है। जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढों के कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी हो रही है। नगर पालिका की उदासीनता के कारण लंबे समय से सड़कों की यही दशा है। गड्ढा मुक्त सड़कों को लेकर जिले के कई स्थानीय निकाय गंभीर नहीं दिख रहे। स्थानीय निकाय निदेशक के निर्देश पर भी इन निकायों ने गड्ढा युक्त सड़कों का सर्वे कराकर इनके अनुरक्षण और गड्ढा मुक्ति के लिए रिपोर्ट नहीं भेजी है। जिले में ऐसे निकायों की संख्या 11 है। इनमें चार नगर पालिका और सात नगर पंचायतें शामिल हैं। सड़कों के अनुरक्षण के लिए सूचनाएं न मिलने पर स्थानीय निकाय निदेशक ने इन निकायों को फिर से रिमाइंडर भेजा है।


जिले में कुल 21 स्थानीय निकाय हैं। इनमें सात नगर पालिका और 14 नगर पंचायतें शामिल हैं। नगर विकास विभाग के स्थानीय निकाय निदेशक द्वारा इन सभी निकायों को 25 सितंबर को पत्र जारी कर अपनी सीमाओं के तहत आने वाली सड़कों का सर्वे कराकर निश्चित प्रारूप पर रिपोर्ट दी जानी थी कि उनके यहां कितनी सड़कें गड्ढा युक्त हैं। इसी रिपोर्ट के आधार पर सड़कों का अनुरक्षण होने के साथ गड्ढा मुक्ति अभियान चलाया जाना है। तय समय में नगर पालिका परिषद बदायूं समेत बिल्सी, ककराला, सहसवान और उझानी ने रिपोर्ट नहीं भेजी। इसके अलावा नगर पंचायत उसहैत, सखानू, उसावां, मुड़िया, अलापुर, इस्लामनगर और रुदायन ने भी इस संबंध में रिपोर्ट नहीं भेजी है।

स्थानीय निकाय निदेशक ने सड़कों की स्थिति के साथ इनको गड्ढा मुक्त करने के लक्ष्य को निर्धारित करते हुए योजना भी निकायों से मांगी थी। इन निकायों ने इसको लेकर भी गंभीरता नहीं दिखाई है। इस संबंध में रिपोर्ट न मिलने पर स्थानीय निकाय निदेशक ने संबंधित निकायों को फिर से पत्र भेजकर तय समय में सड़कों का सर्वे कराकर गड्ढा मुक्ति का लक्ष्य निर्धारित करते हुए रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश सभी अधिशासी अधिकारियों को दिए हैं।


ज्यादातर निकायों में सड़कों की दुर्दशा, शहर में ही हालत खराब

गौर करने वाली बात यह है कि ज्यादातर निकायों में सड़कों की दुर्दशा है। शहर की ही बात करें तो शायद ही शहर में कोई ऐसी सड़क हो जो नगर पालिका के अधीन आती हो और उसकी दशा ठीक हो। हालांकि, हाल ही में लोनिवि ने अपनी अधीन आने वाली कई सड़कों पर काम कराया है। बारिश के चलते यह काम रुक गया था, लेकिन अब बाद में फिर से काम शुरू हो रहा है। उझानी, सहसवान, ककराला और बिल्सी नगर में भी सड़कों का कमोवेश यही हाल है।


पिछले वर्ष भी नहीं बन सकी थीं कई सड़कें

स्थानीय निकाय निदेशालय और लोक निर्माण विभाग ने नगरीय सीमाओं में आने वाली सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए पिछले साल भी अभियान चलाया था। कई स्थानीय निकाय सड़कों का सर्वे कराकर समय से शासन को रिपोर्ट नहीं भेज सके। इसके चलते इन सड़कों का निर्माण और अनुरक्षण का काम लटक गया था। एक बार फिर से पिछले साल जैसे ही हालात बनते दिख रहे हैं।


सड़कों के संबंध में जो सूचनाएं मांगी गई थीं, बदायूं नगर पालिका ने उनको संबंधित पोर्टल पर अपलोड कर दिया है। अगर शासन स्तर से इस संबंध में हार्ड कॉपी मांगी जाती है तो वह भी समय से उपलब्ध करा दी जाएगी।

अमित कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट/ईओ बदायूं नगर पालिका

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