• Nationbuzz News Editor

बदायूं में सीएमओ के पॉजिटिव आते ही मंत्री, विधायक और अधिकारियों को क्यों सताने लगा कोरोना का डर?


यूपी। प्रदेश में बदायूं के स्वास्थ्य महकमे के मुखिया मुख्य चिकित्साधिकारी यशपाल सिंह और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला प्रबंधक कमलेश शर्मा की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप की स्थिति उत्पन्न हो गई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को होम क्वारन्टीन किया गया है। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में उद्घाटन समारोह कार्यक्रम में बदायूं के सदर विधायक एवं नगर विकास राज्य मंत्री महेश चंद्र गुप्ता, बदायूं के सांसद डॉक्टर संघमित्रा मौर्य, सभी भाजपा विधायकों, जिला स्तरीय कार्यकर्ताओं एवं समस्त अधिकारियों के साथ यशपाल सिंह भी इस कार्यक्रम में मौजूद थे। इसके बाद राज्यमंत्री चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अतुल गर्ग की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मीटिंग ली गई थी जिसमें स्वास्थ्य विभाग एवं जिला प्रशासन के साथ सभी जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।


ऐसे में प्रश्न यह कि क्या मंत्री विधायक और अन्य अधिकारी भी अपनी कोरोना जांच करवाएंगे? क्योंकि संक्रमित यशपाल सिंह के साथ लगातार प्रोग्राम करने और मीटिंग करने वाले नेतागण व अधिकारी आखिर कैसे इस महामारी से बच सकते हैं? शनिवार को सीएमओ डॉ यशपाल सिंह और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला प्रबंधक कमलेश शर्मा ने एंटीजन किट द्वारा अपना कोरोना टेस्ट कराया । जांच रिपोर्ट के अनुसार दोनों को कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। यशपाल सिंह की उम्र 6० साल से अधिक है और एनएचएम के जिला प्रबंधक भी डायबिटिक हैं।


सरकारी गाइडलाइन के अनुसार ऐसे मरीजों को एल 2 यानी राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराना चाहिए। अगर सीएमओ और डीपीएम घर पर ही क्वारांटाइन किया गया तो यह सरकारी गाइडलाइन का सरासर उल्लंघन होगा। बदायूं के जिलाधिकारी कुमार प्रशांत ने कहा कि यशपाल सिंह को उनके आवास पर ही होम क्वारन्टीन किया गया है। चूंकि वे स्वयं डॉक्टर हैं और अपनी देखभाल खुद कर सकते हैं इसलिए उन्हें होम क्वॉरेंटाइन होने की अनुमति दी गई है।

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