• Nationbuzz News Editor

मेडिकल परीक्षण के नाम पर रुपये मांगने वालों के खिलाफ लगातार पीड़ित कर रहा कार्रवाई की मांग


बदायूं। जिले में दिनांक 24-07-2020 को मेडिकल परीक्षण के नाम पर डॉक्टर पर पांच हजार रुपये मांगने के आरोप में प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को प्रार्थना-पत्र भेज कर कार्रवाई की मांग की थी। क्या है मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अथक प्रयासों के बाबजूद भी स्वास्थ्य सेवा में लगे अधिकारी व कर्मचारी सुधरने का नाम ही नही ले रहे है। अपनी भृष्ट कार्यप्रणाली से पूरे महकमे को बदनाम करने में नहीं चूक रहे है। अब हम बात कर रहे है जनपद के नगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उसावां की सीएचसी में तैनात कर्मियों की भ्रष्ट कार्यशैली के कारण अपना दम तोड़ रही है। लाभ के एवज में पीड़ितों से पैसे जमा कराने के लिए अस्पताल प्रशासन द्वारा लोगों को मजबूर किया जा रहा है। शिकायत के बावजूद स्वास्थ्य विभाग के आलाधिकारी उक्त कर्मियों पर कार्यवाही करने की जहमत नहीं उठा रहें है।


उसावां नगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जिला अस्पताल रेफर के नाम पर जमकर अवैध वसूली किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। थाना उसावां के गांव रावतपुर निवासी मुकेश ने बताया कि उसका पुत्र शरदवीर को बीते बुधवार को सुबह करीब सात बजे गांव के ही कई लोगों ने घेरकर लाठी-डंडों से मारा पीटा और मारपीट के दौरान शरद वीर को दोनों हाथों में गंभीर चोट आई। शोर-शराबा सुनकर गांव के कई लोग मौके पर जा पहुंचे जिससे कि वहां पर मारपीट कर रहे लोग भाग खड़े हुए। शरदवीर के पिता मुकेश ने जिसकी सूचना थाना पुलिस को दी। सूचना पर थाना पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर एनसीआर दर्ज करके पीड़ित को मेडिकल मजरुमी चिट्ठी देकर उसावां नगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को रवाना कर दिया। पीड़ित ने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में आरोप लगाते हुये कहा है कि स्वास्थ्य केन्द्र पर मौजूद प्रभारी चिकित्साधकारी राजेश कुमार ने पीड़ित का मेडिकल परीक्षण करने से पूर्व पीड़ित से 5 हजार रुपए सुविधा शुल्क देने के लिये दबाव बनाया जा रहा था।


गरीबी से तंग पीड़ित के पास पैसे नहीं थे जिसके कारण वह पैसे देने में असमर्थ था। रुपये न देने के कारण अस्पताल की तरफ से रैफर कार्ड नही दिया गया। रैफर कार्ड न मिलने से एंबुलेंस की सुविधा भी उसे नहीं मिली और नार्मल मेडिकल कर उसे भगा दिया गया। मुकेश ने पुत्र को तेज दर्द होने पर पीड़ित पिता ने डॉक्टर से जिला अस्पताल रेफर करने की गुहार लगाई लेकिन प्रभारी चिकित्साधकारी ने पिता पुत्र की एक न सुनी और नॉर्मल मेडिकल करके उसके हाथ में थमा दिया। पीड़ित पिता को अपने पुत्र का दर्द देखा ना गया जिससे आहत पीड़ित पिता ने जिला अस्पताल पहुंचकर उसके हाथों में लगी चोटों का एक्सरे परीक्षण कराया। उसके बाद जिला अस्पताल एक्स-रे रिपोर्ट में पीड़ित के कन्धे की हसली मे फ्रैक्चर होने की पुष्टि हुई हैं। पीड़ित पिता ने जिला अस्पताल रेफर के नाम पर रुपये लेने और मेडिकल रिपोर्ट गलत देने का शिकायती पत्र प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को भेज कर और कार्रवाई की मांग की है तो वही पीएम व सीएम से शिकायत के बाबजूद डॉक्टर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जिससे पीड़ित दुखी है।


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