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प्रांतीय कांफ्रेस सम्मेलन में धर्म गुरु बोले संविधान के मूल्यों की अनदेखी की जा रही है


यूपी बदायूं। इस्लामिक इंटेलेक्चुअल बोर्ड, इंडिया द्वारा एक प्रदेश स्तरीय एक विश्वविद्यालय सम्मेलन हा0 सिद्दीक़ इस्लामिया इंटर कॉलेज बदायूं में आयोजित किया गया. सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न संगठनो, विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने शिरक़त की. इन में सभी समुदाय और धर्मो के धर्म गुरु और प्रतिनिधि शामिल थे. सम्मेलन की अध्यक्षता बोर्ड के नेशनल चेयरमैन मौलाना डॉ0 यासीन अली उस्मानी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आल इंडिया मिल्ली कौंसिल ने की सम्मेलन में वक्ताओ ने आज के हालात पर गंभीरता पूर्वक चर्चा की. और इस नतीजे पर पहुंचे कि इन चार पांच वर्षों के बीच ऐसा महसूस किया गया है कि संविधान के मूल्यों की अनदेखी की जा रही है।


लोकतंत्र, न्याय तंत्र, धार्मिक आजादी जैसे बुनियादी नागरिकों के बुनियादी अधिकारों से वंचित करने के प्रयास हो रहे हैं. लोकतंत्र में विश्वास ना रखने वाली ताकते अपनी विशेष विचारधारा को बढ़ावा देने में लगी हुई है. गरीबों, कमजोर की समस्याएं हल करने में मौजूदा शासकों की कोई दिलचस्पी नहीं है.

मजदूर, किसान, दलित, अल्पसंख्यक, पिछड़े,नौजवान बल्कि आमजन निराश हो और परेशान हैं और मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों से छुटकारा चाहते हैं. सभी वक्ता प्रतिनिधि इस को लेकर एकमत थे कि आने वाले 2022 के चुनाव में लोकतांत्रिक शक्तियों को समय की आवश्यकता है।


कॉन्फ्रेंस में शिरकत की प्रोफेसर एमपी सिंह, डॉ अरुण कुमार, अजीत यादव, प्रोफेसर अब्दुल अलीम अलीगढ़, डॉक्टर रेहान अख्तर अलीगढ़,प्रोफेसर उमर मंज़र लखनऊ,प्रोफेसर अशोक कुमार रोहिलखंड बरेली,मुफ्ती शकील बरेली, कमर आलम कासगंज, मौलाना असलम कासमी रामपुर,पूर्व जिला जज जहीरूद्दीन जौनपुर,अकरम वारसी लखीमपुर,सदर आलम खान बिजनौर,उबैद पीलीभीत, सलीम बाबरी मुरादाबाद,आबिद एडवोकेट बुलंदशहर,अब्दुल्ला आजमगढ़,अब्दुल मतीन मुजफ्फरनगर,डॉक्टर मशहूर अली अमरोहा,मोहम्मद अयूब संभल,पादरी कपिल सिंह बरेली, सोम मसीह शाहजहांपुर, पादरी सेमन मुरादाबाद,आदि लगभग 35 ज़िलों से 300 प्रतिनिधि व बुद्धिजीवी ने शिरकत की सम्मेलन की अध्यक्षता बोर्ड के नेशनल चेयरमैन मौलाना डॉक्टर यासीन अली उस्मानी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ऑल इंडिया मिली काउंसिल ने की इसके संचालन अनस आफताब एडवोकेट ने किया आयोजन में इबादुर्रहमान ठेकेदार, साहिबे आलम खां (प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर अमन भारती, वीरेंद्र जाटव,यामीन उस्मानी आदि ने विशेष सहयोग किया।


प्रतिनिधियों का यह भी एहसास था कि आमजन उपरोक्त समुदायों और वर्गों की समस्याओं पर लोकतांत्रिक पार्टियों की चुप्पी से भी निराश है. इन सब समस्याओं पर गहन विचार-विमर्श कर इस सम्मेलन में सर्वसम्मति से निम्नलिखित प्रस्ताव पारित किए गए हैं।