कोरोना को बढ़ते देखते हुए स्कूल, कॉलेज और मल्टीप्लेक्स 2 अप्रैल तक बंद, परीक्षाएं भी स्थगित


यूपी। कोरोना के बढ़ते कहर को देखते हुए उत्तर प्रदेश के सभी स्कूल-कॉलेजों और मल्टीप्लेक्स 2 अप्रैल तक बंद कर दिए गए हैं। मंगलवार को सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया। इसके अलावा सरकार ने अगले आदेश तक सभी स्कूल-कॉलेजों में चल रही परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए कई निर्णय लिए गए हैं। सरकारी कार्यालयों में भीड़ खत्म करने के लिए कर्मचारियों को घर से काम करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी साथ ही प्रदेश सरकार ने कोरोना का मुफ्त इलाज किए जाने की घोषणा की है।

इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है। इसके अलावा यूपी में सभी परीक्षाएं, प्रतियोगी परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। साथ ही स्कूल-कॉलेज और सिनेमा घरों के बंद रहने की तारीख को और आगे बढ़ा दिया है।


मतलब अब यूपी में दो अप्रैल तक स्कूल-कॉलेज और सिनेमा घर सब बंद रहेंगे। सभी धरना प्रदर्शनों पर सरकार ने रोक भी लगा दी है।


बैठक में मुख्यमंत्री ने कोरोना पर केंद्र सरकार की एडवायजरी का 100 फीसदी पालन करने को कहा है साथ ही प्रदेशवासियों से भीड़भाड़ में जाने से बचने की अपील की है। प्रदेश के सभी पर्यटक स्थल 31 मार्च तक बंद रहेंगे।

तहसील दिवस और जनता दर्शन दो अप्रैल तक बंद

प्रदेश में तहसील दिवस और जनता दर्शन दो अप्रैल तक बंद कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बंदी के चलते रोजमर्रा का काम करने वाले लोगों का भरण पोषण हो सके इसके लिए वित्तमंत्री की कमेटी तीन दिन में रिपोर्ट देगी। इसमें कृषि मंत्री और श्रम मंत्री शामिल हैं। सरकार द्वारा मजदूरी करने वालों को कुछ धनराशि अकाउंट में दी जाएगी।


दरअसल, सिनेमा घर, मल्टीप्लेक्स, स्वीमिंग पूल बंद करने के निर्देश के बाद कोरोना से निपटने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद मोर्चे पर डट गए हैं। इसके पहले उन्होंने स्वास्थ्य महानिदेशालय स्थित राज्य संक्रामक रोक निदेशालय के कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। संक्रामक रोगों की निगरानी के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त कंट्रोल रूम बनाने का निर्देश दिया, ताकि महामारियों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।


इस बीच, मास्क व सैनेटाइजर की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को एक्टिव किया गया है। सीएम ने कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया है। सीएम ने कहा कि कोरोना से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। उन्होंने इसके लिए जन सहयोग की अपेक्षा की है।


सीएम ने कहा कि प्रदेश में जगह-जगह पोस्टर लगाकर कोरोना को लेकर जागरूक किया जा रहा है। इसके लक्षणों, उपचार, क्या करें, क्या न करें की जानकारी दी जा रही है।

खांसी, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बह रही हो...तभी जाएं अस्पताल

डॉक्टरों का कहना है कि यदि आपको खांसी, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बह रही हो, गले मे खराश आदि हो तो तत्काल अस्पताल जाएं और इलाज कराएं। अन्य किसी तरह की दिक्कत हो तो परेशान न हों। बस कुछ दिन आराम करें। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली चीजें खाएं। इससे बुखार व अन्य समस्या दूर हो जाएगी।


केजीएमयू, लोहिया संस्थान और पीजीआई के चिकित्सकों का कहना है कि कोरोना वायरस से भयभीत होने की जरूरत नहीं है। अगर इसके लक्षण मिल रहे हैं तो अस्पताल जाएं क्योंकि घर में बैठे रहने से यह वायरस दूसरे लोगों में भी फैल सकता है लेकिन अगर इसके लक्षण नहीं है तो अनावश्यक अस्पताल न जाएं।