• Nationbuzz News Editor

बदायूं में कोरोना से पांच दिन में दूसरी मौत से अफसरों में ही नहीं लोगों में भी हड़कंप मचा हुआ है


यूपी बदायूं। जिले में कोरोना से दूसरी मौत हो गई है। कोरोना से दूसरी मौत के बाद अफसरों में ही नहीं लोगों में भी हड़कंप मचा हुआ है। दिल्ली से आया युवक पहले कोरोना संक्रमित निकला फिर दूसरे दिन बरेली के मेडिकल कालेज में मौत हो गई है। देररात तक बरेली से शव वापस नहीं आया है। शव कहां भेजा जाए, इसको लेकर अफसर असमंजस में हैं, परिवार से जानकारी ली जा रही है।मंगलवार को जिले में पांच दिन के अंदर कोरोना से दूसरी मौत हो गई है।


मूलत: हरदोई जिले के रहने वाले गाजियाबाद में रहकर लोनी में दर्जी का काम करने वाला युवक म्याऊं कस्बा में रहने वाली बहन के घर आया था। सोमवार को दिल्ली के अस्पताल से आई रिपोर्ट में वह कोरोना पॉजीटिव निकला था। जिसके बाद उसे देर रात बदायूं के एल-02 अस्पताल मेडिकल कालेज भेजा गया।


उसकी गंभीर हालत देख उसे मेडिकल कालेज से आधी रात बाद बरेली रेफर किया था। जहां उसकी मौत हो गई। सीएमओ ने बताया रिपोर्ट आने क बाद युवक सोमवार को गंभीर हालत में मिला था, बरेली में जाकर मौत हुई है। युवक दिल्ली से छह जून को म्याऊं कस्बा में आया था।


इसके बाद आठ जून को कोरोना संक्रमित निकला। मंगलवार देररात तक लोग बरेली शव किस तरह से कहां को लाया जाए, इसको लेकर परिजनों से जानकारी करने में स्वास्थ्य अफसर लगे रहे। बतादें कि इससे पहले भी एक अधेड़ की कोरोना से मौत हो चुकी है। इससे जिले में कोरोना से मरने वालों की संख्या अब दो हो गई है। कोरोना संक्रित लोगों की संख्या भी 46 हो चुकी है।


चार जून को हुई थी पहली मौत


जगत ब्लाक के उनौला गांव में कोरोना संक्रमित की मौत हो गई थी, यह मौत भी चार जून को हुई थी। जबकि उनौला के व्यक्ति की हालत काफी समय से खराब चल ही थी, युवक ने जिला मुख्यालय से लेकर बरेली तक उपचार लिया। इसके बाद कोरोना संक्रमित की मौत हुई। अब जिले में दूसरी कोरोना से मौत पांच दिन बाद हुई है।


कहां ले जाया जाएगा शव


दिल्ली से आए कोरोना संक्रमित की मौत तो हो गई है। कोरोना संक्रमित से हुई मौत के बाद हर कोई यह जानने को परेशान है कि आखिर कोरोना संक्रमित का शव कहां जाएगा। युवक वैसे तो हरदोई जिले के सैदापुर गांव का निवासी है। गाजियाबाद से म्याऊं में बहन के घर आया था,


वह वर्तमान में गाजियाबाद जिले के बेहटा पुलिया का निवासी है। उसका शव कहां लाया जाए, इसको लेकर अभी तय नहीं हो पाया। हरदोई में उसके परिवार का कोई नहीं रहता। पत्नी, बेटा व बेटी जिला अस्पताल में क्वारंटीन है। स्वास्थ्य अफसर देर रात तक जिला अस्पताल में परिजनों से शव के अंतिम संस्कार को लेकर जानकारी लेने में लगे रहे। युवक की मौत कोरोना से हुई, इसलिए हर कोई तो डर रहा है।


लोनी में हुआ था बीमार


म्याऊं कस्बा में संक्रमित निकले युवक की हिस्ट्री लंबी निकली है। पता चला है कि युवक गाजियाबाद का निवासी है। वह लोनी में रहकर सिलाई का कार्य करता है। वहां कुछ दिन पहले सर्दी, खांसी और बुखार हो गया था। वह इलाज अंबेडकर हॉस्पिटल में करवाने गए थे।


किडनी इंजरी के चलते बिगड़ी हालत


दिल्ली से म्याऊ कस्बा में आया कोरोना संक्रमित युवक की मौत हो गई है। युवक को कई बीमारियां थीं, लेकिन उसका आभास परिवार को नहीं था। कोरोना संक्रित हुआ और मेडिकल कालेज में जांच की गई तब पता चला कि उसको किड़नी इंजरी की समस्या थी। इसके अलावा बीमारियां तो और भी थीं, लेकिन परेशानी सबसे ज्यादा इसी से थी।


मौत तो अपने भी हुए दूर


कोरोना महामारी में युवक की मौत भी एक बिडंबना रही है। इंसान की मौत होती है तो कोई साथ दे या न दे मगर उसकी पत्नी तो मौत भी साथ चाहती है। मगर कोरोना के वायरस से तो मौत की कहानी भी अलग चैपटर में लिखी है। वह कोरोना संक्रमित निकला उसकी पत्नी बच्चों सहित अस्पताल में भर्ती है।


जिंदगी मौत का आमना-सामना हुआ तो साथ में न तो पत्नी थी न ही उसके बेटे थे। शव का अंतिम संस्कार की बारी आई है तो भी परिवार उससे नहीं मिल पाएगा। पत्नी पति से लिपटकर दुख नहीं रो पाएगी, बेटा पिता की अर्थी को कंधा नहीं लगा पाएगा। इसको भी लोग एक बिडंबना से जोड़ रहे हैं।


युवक दिल्ली से आया था हरदोई जिले का रहने वाला है। बरेली प्रशासन से सूचना मिली है युवक की मौत हो गई है। सीएमओ को जानकारी को लगाया है उसका परिवार जिला अस्पताल में है उनसे बात कर रहे हैं आखिर शव कहां ले जाना है। कोविड-19 की गाइड लाइन के अनुसार ही युवक के शव का अंतिम संस्कार कराया जाएगा।


कुमार प्रशांत, बदायूं डीएम

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