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जिला अस्पताल की ओपीडी बंद होने की कगार पर, इलाज के लिए जमीन पर पड़ा रहा मरीज


यूपी बदायूं। जिला पुरुष अस्पताल की ओपीडी डॉक्टरों के अभाव में बंद होने की कगार पर है। बाल एवं शिशुराग व ईएनटी डॉक्टर, दांत के डॉक्टर के अलावा समूची ओपीडी में सन्नाटा है। मौसम की बीमारियां शुरू होते ही मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। बीमार ओपीडी पहुंचने लगे, मगर यहां डॉक्टर फिजिशियन व मेडिसिन के डॉक्टर ही नहीं। बाल एवं शिशरोग के संविदा डॉक्टर ही बड़े मरीजों का उपचार कर रहे हैं। ओपीडी की बेहाल व्यवस्था से मरीज परेशान हैं और वापस लौट रहे हैं।


बुधवार को जिला पुरुष अस्पताल की ओपीडी में उपचार के लिये मरीजों के बीच मारामारी की स्थिति रही है। जिला अस्पताल में सुबह से ही ओपीडी में मरीजों को उपचार के लिये लाइन लग गईं थी मरीज उपचार के लिये पहुंच रहे थे। मगर यहां पिछले कई दिनों से फिजीशियन व सर्जन की सेवा नहीं मिल पा रही है। यहां सर्जन और फिजीशियन डॉक्टर नहीं है इसलिये इलाज देने वाला कोई नहीं है। हालात यह बन गये हैं कि बच्चों के डॉक्टर ही बड़ों का उपचार कर रहे हैं।


बुधवार को ओपीडी में केवल बच्चों के डॉक्टर, दांत, नाक-कान गले व हड्डी के ही डॉक्टर बैठ सकेंगे। बाकी फिजिशियन, जर्नल फिजिशियन नहीं होने से कक्ष में ताले लटके हैं और बुखार सहित तमाम चेस्ट व तमाम बीमारियों के मरीजों को उपचार नहीं मिल सका है।


जमीन पर पड़ा रहा मरीज


जिला पुरुष अस्पताल की ओपीडी भगवान भरोसे चल रही है। जिसकी वजह से मरीजों को उपचार तक नसीब नहीं हो पा रहा है। बुधवार को हालात यह रहे कि ओपीडी के बाहर मरीज जमीन पर पड़े रहे, मरीजों को उपचार तक नसीब नहीं हुआ है। मरीजों को इंतजार के बाद वापस लौटना पड़ा है।


दस डॉक्टरों में सिर्फ पांच


जिला पुरूष अस्पताल की ओपीडी के लिये दस डॉक्टर स्वीकृत हैं जिनमें से वर्तमान में सिर्फ पांच ही डॉक्टर बैठ पा रहे हैं। पांच डॉक्टर नजर नहीं आ रहे हैं और मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। सर्जन और फिजीशियन, चर्मरोग विशेषज्ञ तो हैं ही नहीं। जर्नल फिजिशियन भी नहीं हैं ताले लटके रहते हैं। इसके बाद अब सिर्फ हड्डी रोग, ईएनटी सर्जन, बाल रोग विशेषज्ञ, दंत्तरोग विशेषज्ञ, मेंटल रोग विभाग के डॉक्टर ही बैठ पा रहे हैं। बाकी चिकित्सा सेवा पर संकट है।


पांच सौ तक पहुंची ओपीडी


जिला अस्पताल की ओपीडी बढ़ती जा रही है, मौसम के रोगों से पीड़ित होने के बाद मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इसलिये जिला अस्पताल में ओपीडी के मरीजों की संख्या पांच सौ तक पहुंच गये हैं।जिसमें सबसे ज्यादा सर्दी, बुखार और दस्त वाले मरीज जा रहे हैं। जिनको उपचार भी डॉक्टरों की कमी के चलते पूरा इलाज नहीं मिल पा रहा है। अधिकांश मरीजों को वापस लौटना पड़ता है।


जिला अस्पताल की ओपीडी को लेकर सीएमएस से बात करते हैं, ज्यादा जानकारी नहीं है। अगर सर्जन और फिजिशियन नहीं हैं तो शासन को पत्रचार करते हैं और डॉक्टरों को संबद्ध कहीं से कराते हैं। मरीजों की चिकित्सा व्यवस्था को बिगड़ने नहीं दिया जायेगा।


दीपा रंजन, डीएम