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मिल्क चिलिंग प्लांट का डीएम ने किया स्थलीय निरीक्षण साथ ही स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार


बदायूं। देश की आर्थिक रीढ़ कृषि और कृषि आधारित पशुपालन है। इसको किसानों तक पहुंचाना है। किसान देख कर सीखता है। जानवरों से किसान की आय बढ़े और वह अच्छा मुनाफा कमाए। इस दिशा में किसान काम भी कर रहे है। इसको किसानों तक पहुंचाना है। दुग्ध चिलिंग प्लांट जनपद में लगने से पशुपालकों को उनके दूध का अच्छा मूल्य तो मिलेगा ही साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा।

शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी कार्यालय में दुग्धनीति 2018 के अन्तर्गत बिल्सी में निर्माणधीन फ्रेंड्स चिलिंग प्लांट के सम्बंध में बैठक आयोजित की गई है। दुग्ध निधि के अन्तर्गत दुग्ध प्लांट लगाने पर 25 प्रतिशत की सब्सिडी का प्रावधान है।


फ्रेंड्स चिलिंग प्लांट के अधिकारी पंकज ने अवगत कराया कि बुलंदशहर के तुषारकांत जिंदल द्वारा लगभग 2.5 करोड़ की लागत से तैयार हो रहा मिल्क चिलिंग प्लांट है, इसमें 50,000 लीटर दूध प्रतिदिन क्षमता रहेगी, जिससे दूध खराब नहीं होगा, इसमें पशुपालकों से बजार से अच्छे दाम पर दूध खरीदा जाएगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी और प्रतिदिन दूध का भुगतान भी कर दिया जाएगा, साथ ही प्लांट में आस पास के लोगों को काम भी दिया जाएगा, जिससे लोगों को रोजगार भी मिलेगा। किसानों की सोसायटी बनाकर संगठित किया जाएगा जिससे एक जगह ही दूध बेचें।


डीएम ने प्रोजेक्ट की सराहना करते हुए कहा कि इसे जल्द से जल्द पूर्ण किया जाए, जिससे अग्रिम कार्यवाही की जा सके। मिल्क रूट को इससे जोड़ा जाए। ज्यादा से ज्यादा इस प्रकार के प्लांट लगाएं, जिससे जनपद में रोजगार बढ़े और पशुपालकों को उनके दूध का अच्छा दाम मिल सके। उ0प्र0 दुग्धनीति के उप दुग्ध सलाह विकास अधिकारी संदीप, उन्होंने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ0 अरुण कुमार जादौन को निर्देश दिए कि मिल्क रूट को इससे जोड़ा जाए। एलडीएम परमवीर सिंह को निर्देश दिए कि बैंक संबंधी कोई समस्या हो तो उसका जल्द से जल्द निस्तारण कराएं।

इसके पश्चात भी लगभग 7 बीघा में बन रहे मिल्क चिलिंग प्लांट का डीएम ने स्वयं पहुँचकर स्थलीय निरीक्षण भी किया। यहां उन्होंने इस कार्य में प्रयोग होने वाली सभी मशीनों के बारे में बिस्तार से जाना और इसे जल्द प्रारम्भ करने के निर्देश दिए।

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