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गांवों को आदर्श बनाने के लिए डीएम ने निर्देश दिए है और कहा टीकाकरण अवश्य कराएं


यूपी बदायूं। अब गांवों की तस्वीर बदलने जा रही है, गांवों को आदर्श बनाने के लिए डीएम ने निर्देश दिए हैं कि ग्राम सचिवालय में सचिव प्रति दिन बैठकर ग्रामीणों के लिए शासकीय योजनाओं से लाभांवित करने के लिए कार्य करेंगे, यहां से ग्रामीणों को योजनाओं व इसमें प्रयोग होने वाले अभिलेखों की जानकारी मिल सकेगी और उन्हें आवेदन करने का तरीका भी बताया जाएगा। इसके अलावा यहां से परिवार रजिस्टर की नकल, जन्म तथा मृत्यु प्रमाण पत्र भी बनाए जाएंगे। यहां लाइब्रेरी भी बनाई जाएगी, जहां विभिन्न विषयों की पुस्तकें बैठकर पढ़ने के लिए उपलब्ध रहेंगी।


शुक्रवार को कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में जिलाधिकारी दीपा रंजन ने मुख्य विकास अधिकारी निशा व समस्त ग्राम पंचायत के सचिवों के साथ गांवों को माॅडल गांव बनाने के सम्बंध में बैठक आयोजित की। डीएम ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक ग्राम पंचायत दो-दो आदर्श गांव बनाए। बैठक में आदर्श गांवों के लिए ग्राम सचिवालय, पुस्तकालय, तालाब, पार्क एवं खेल मैदान, पेयजल, हैण्डपम्प, सामुदायिक एवं व्यक्तिगत नाडेप खाद के गड्ढे, सड़कों एवं नालियों से जलनिकासी की समुचित व्यवस्था, सोकपिट, डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन कर कूड़ा निस्तारण, गांव की गलियों एवं नालियों को पक्का बनवाया जाए।


स्वच्छ भारत मिशन ग्राम योजना के अन्तर्गत व्यक्तिगत एवं सामुदायिक शौचालयों की व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, सामेकित बाल विकास सेवाएं, कुपोषण मुक्त गांव, मिड-डे मील, प्रधान मंत्री आवास योजना ग्रामीण, उत्तर प्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन, मनरेगा योजना अन्तर्गत रोजगार सृजन, प्रधानमंत्री उज्जवला योजना, विधवा, वृद्धावस्था एवं दिव्यांगजन पेंशन योजना, उच्च प्राथमिक एवं प्राथमिक विद्यालयों में कायाकल्प कार्य, आंतरिक गलियों एवं नालियों का संतृप्तीकरण, वैक्सीनेशन, पब्लिक एड्रेस सिस्टम सहित आदि बिन्दुओं पर कार्य कराने के लिए डीएम ने निर्देश दिए हैं।


डीएम ने निर्देश दिए हैं कि इन कार्याें को एक सप्ताह में तथा निर्माण कार्याें को एक माह में पूर्ण किया जाए। प्रत्येक हैण्डपम्प के पास सोकपिट बनाया जाए। वोटर लिस्ट के अनुसार कोविड-19 का टीकाकरण शतप्रतिशत कराया जाए, कोई भी व्यक्ति छूटने न पाए। डीएम ने ग्रामीणों से अपील की है कि अपने घर एवं गांव को साफ-सुथरा रखें, कूड़ा इधर उधर न डालें, निर्धारित स्थान पर कूड़ा डाला जाए। अति कुपोषित बच्चों को एनआरसी में भर्ती कराया जाए, जिससे सभी गांव कुपोषित मुक्त हो सकें। 18 से अधिक वर्ष की आयु के सभी लोग कोरोना महामारी से बचने के लिए टीकाकरण अवश्य कराएं।