• Nationbuzz News Editor

जिले में समूह के प्रत्येक सदस्य को 40 हजार रूपये की दर से प्रारम्भिक पूंजी प्रदान की जायेगी


बदायूं। जिलाधिकारी कुमार प्रशान्त की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएम एफएमई) के क्रियान्वयन के संबंध में गठित समिति की बैठक आयोजित की गई।

बैठक में जिला उद्यान अधिकारी मुकेश कुमार द्वारा डीएम को अवगत कराया कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आत्मनिर्भर भारत के अन्तर्गत प्रारम्भ की गई प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजनान्तर्गत जनपद के एफपीओ/ सहकारिताओं, जनपद के स्वामित्व वाली एजेंसियों, निजी उद्यमियों को सामान्य प्रसंस्करण सुविधा, प्रयोगशाला, वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज, पैकिंग एव इन्क्यूवेशन सेंटर सहित सामान्य अवसंचरना के विकास के लिये 35 प्रतिशत की दर से अधिकतम 10 लाख क्रेडिट लिंक्ड अनुदान उपलब्ध कराये जाने हेतु चयन किया जाना है। साथ ही यह भी अवगत कराया गया कि स्वयं सहायता समूह को सीड कैपिटल, कार्यशील पूंजी तथा छोटे उपकरणों को खरीद के लिये खाद्य प्रसंस्करण में कार्यरत स्वयं सहायता समूह के प्रत्येक सदस्य को 40 हजार रूपये की दर से प्रारम्भिक पूंजी प्रदान की जायेगी।


ब्रांडिंग और मार्केटिक हेतु सहायता के लिये सामान्य पैकेजिंग, ब्रांडिंग विकसित करने, गुणवत्ता नियंत्रण मानकीकरण उपलब्ध के साथ करने तथा उपभोक्ता फुटकर बिक्री के लिये खाद्य संरचना पैरामीटर का अनुपालन करने के लिये एफपीओ व एसएचजी व सहकारिताओं अथवा सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्ययमों को ब्रांडिंग और मार्केटिंग सहायता दी जायेगी। इन संगठनों को सहायता उनके द्वारा तैयार की गई डीपीआर और राज्य नोडल एजेंसी द्वारा दिये गये अनुमोदन के आधार पर ब्रांडिंग व विपणन के लिये सहायता कुल व्यय का 50 प्रतिशत तक सीमित है।

इसकी पात्रता के लिए योजनान्तर्गत पूर्व से स्थापित वह इकाईयां पात्र होंगी, जिनमें 10 से कम कार्मिक कार्यरत हैं। इकाई का स्वामित्व आवेदक है तथा उसकी आयु 18 वर्ष से अधिक है तथा वह न्यूनतम कक्षा 8 उत्तीर्ण हो। एक परिवार का केवल एक व्यक्ति वित्तीय सहायता प्राप्त करने हेतु पात्र होगा। परिवार से आशय स्वयं, पति/पत्नी और बच्चों से है।


बैठक के दौरान जिलाधिकारी द्वारा जिला उद्यान अधिकारी को निर्देश दिये गये कि खाद्य प्रसंस्करण इकाई में आलू के चिप्स व पापड़, अचार, मिर्च उत्पाद, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादक, डेयरी, सुअर पालन, पशुपालन, औषधीय सतावर, एलोवेरा, पुष्प, चकोतरी उत्पादककर्ता कृषकों का चयन कर प्रशिक्षण कराया जाये तथा जनपद स्तर से ही रिसोर्स पर्सन का चयन हेतु प्रस्ताव निदेशालय उद्यान को भिजवाया जाये। अधिक जानकारी के लिये कलेक्ट्रेट भवन ऊपरी मंजिल कमरा नंबर 14 में कार्यालय समय में उपस्थित होते हुए जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। जिला उद्यान अधिकारी मोबाइल नंबर 9410854489 व प्रधान सहायक मो0 7017031706 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

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