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मज़हरुल उलमा की एहलिया के फातिहा चेल्लम के मौके पर फैजाने क़ुरान कांफ्रेंस का एनिकात किया गया


बदायूं। शहर के मोहल्ला नागरान मौलाना मंज़र हसन नूरी की वालिदा की चालिसमे की फातिहा चेल्लम के मौके पर फैजाने क़ुरान कांफ्रेंस का एनिकात बरोज़ पीर 15 मार्च कोरोना वायरस की महामारी के चलते कोविड-19 गाइडलाइंस का पालन करते हुए किया गया महफ़िल बाद नमाज़े इशा मुनाकिद हुई फैजाने क़ुरान कांफ्रेंस का आगाज़ बाद नमाज़े इशा नबीरा ए मज़हरुल उलमा कारी अम्बर रज़ा ने क़ुरान ए पाक की तिलावत कर साकिब रज़ा बदायुनी ने नात ख्वानी महफ़िल का आगाज़ किया। जिसके बिलखूसूसी शाकील अहमद बुलंद शहरी ने अपने खिताबात में कहा कि बालेदैन दुनिया में औलाद के लिए सायादार दरख़्त जैसे है। क्योंकि बालेदैन की दुआ औलाद के हक में रद नहीं की जाती इस लिए बालेदैन को भी चाहिए औलाद की अच्छी तरबियत करके अपनी आख़िरत के लिए तैयार किया जाये।



खानकाहे मज़हरिया के सज्जादा नशीन मौलाना मंज़र हसन नूरी और मदरसा बरकातिया रज़विया के प्रबंधक तहरीके तहफ़्फ़ुज़े सुन्नियत के बदायूं जिला अधयक्ष टी-टीएस


इस मौके पर बरेली से आय मंज़र ए इस्लाम के दारुलइफ़ता के मुफ़्ती आकिल रज़बी, सफदर हसन नूरी, मुफ़्ती कमर रज़ा, ख़लीफ़ए मज़हरुल उलमा हज़रत सालिम मिया क़ादरी बरकाती समेत आदि लोग उपस्थित रहे।