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गृह मंत्री अमित शाह और किसानों की मुलाकात, ''हां या ना'' में जवाब चाहते हैं किसान बैठक जारी


खबर देश। नए कृषि कानूनों के विरोध में किसान संगठनों की तरफ से मंगलवार को बुलाया गया भारत बंद शांतिपूर्ण रहा और इसका देशव्यापी असर देखने को मिला. राजधानी दिल्ली से लेकर तमिलनाडु तक इसके विरोध में प्रदर्शन हुए. हालांकि, किसान संगठनों के इस प्रदर्शन को देश की प्रमुख सभी विपक्षी पार्टियों ने समर्थन किया. प्रदर्शनकारी किसानों की कोशिश है कि इसके जरिए सरकार के ऊपर और दबाव बढ़ाया जाए और कृषि कानूनों के विरोध में किए जा रहे आंदोलन को धार दिया जा सके।


केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने तीन नए कृषि कानूनों को लेकर किसानों के प्रदर्शन पर कहा कि इसके पीछे ताकतें हैं. उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वह सिर्फ विरोध करने के लिए ही विरोध करती है. रविशंकर ने कहा कि यह कांग्रेस के दोहरे चरित्र को जाहिर करता है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने घोषणापत्र में सुधार की बात कही थी. उन्होंने साफ किया कि केन्द्र सरकार ना ही मंडी को खत्म कर रही और ना किसी प्रदेश के कानून में कोई हस्तक्षेप करने जा रही है.


गृह मंत्री अमित शाह की किसान संगठनों के नेताओं के साथ वार्ता चल रही है. बुधवार को केन्द्रीय मंत्री और किसान संगठनों के बीच होने वाले छठे दौर की बैठक से पहले इसे काफी अहम माना जा रहा है. किसान नए कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली और उसके आसपास के इलाको में आकर पिछले 12 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं.


गृह मंत्री अमित शाह की तरफ से प्रदर्शनकारी किसान संगठनों को बातचीत के लिए बुलाया गया है. राकेश टिकैत अमित शाह के घर के पास पहुंचे हैं. हालांकि, वह कह रहे हैं कि बाकी नेता कहां हैं उन्हें नहीं पता और वह उनका इंतजार कर रहे हैं।