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इस्लामिया इण्टर कालेज हाल में संस्था की ओर से ड्रेस,जूते, मोजे व साइकिल का वितरण किया गया


यूपी बदायूं। हाफिज सिददीक इस्लामिया इण्टर कालेज हाल में अन्जुमन इशाअते तालीम मुसलमानाने बदायूॅ मातृ संस्था की ओर से डेªस,जूते, मोजे व साइकिल का वितरण किया गया कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला विघालय निरीक्षक, डा0 प्रवेष कुमार ने कहा कि आज का यह डेªस वितरण कार्यक्रम छात्रों, अभिभावकों एवम शिक्षको व कालेज प्रबन्ध तन्त्र का शानदार कार्यक्रम है हमे ऐसे मौके पर शिक्षा के महत्व को समझना चाहिए, आज शिक्षा सबके लिए सरकार ने जो व्यवस्था की है उसमें शिक्षा को अनिवार्य किया गया है अभिभावक अपने दायित्व का निर्वहन ठीक प्रकार से करे तो निष्चित ही हम षिक्षा को आगे तक ले जाएगें। कालेज प्रबन्धक खिसाल उददीन ने कहा हमारा उददेष्य शिक्षा को आगे बढाना है छात्रों की मूल-भूत समस्याओं का निराकरण करना है इसके लिए प्रबन्ध तन्त्र सदैव छात्रों से साथ है, संक्षेप में कालेज के इतिहास पर प्रकाष डालते हुए कालेज के 105 वर्श के कार्यकाल के बारे में जानकारी दी।


छात्रसंघ के जिया अन्सारी ने कहा कि हम लोग खुषकिस्मत है भाग्यषाली है कि हमे शिक्षा मिली व शिक्षा के संस्थान इस्लामियॉ कालेज जैसा संस्थान मिला यहाँ के छात्रों ने राज्य ही नही बल्कि देष-विदेष में इसका नाम रोषन करने का कार्य किया है। वास्तव में शिक्षा ही मात्र एक साधन है जिससे मनुश्य व पषु में अन्तर को स्पश्ट किया जा सकता है कालेज प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष यासीन फरीदी ने कहा दयनीय आर्थिक स्थिति के कारण कोई बच्चा षिक्षा से दूर नही किया जा सकता प्रबन्ध तन्त्र ऐसे प्रत्येक छात्र को व्यय उठाएगा जिसका परिवार शिक्षा पर होने वाले व्यय नही उठा सकता है। प्रधानाचार्य अब्दुल सुबूर खा ने कहा कि कालेज का खुशगवार माहौल छात्रों के समायोजन को देखते हुए बेहरीन रोल प्ले करता है हमे चाहिए कि माता-पिता शिक्षकों के साथ मिलकर अपने परिवार के बच्चों को शिक्षा से सीधे तौर पर जोडे व उन्हे कामयाब बनाए। अन्य वक्ताओं में प्रवक्ता यासीन उस्मानी, असलम यार खा, साजिद खा आदि ने विचार व्यक्त कर शिक्षा के महत्व पर प्रकाष डाला।

कार्यक्रम का संचालन प्रवक्ता हसन अब्दुल्ला द्वारा किया गया।

इस मौके पर जव्वाद अहमद, डा शाहिद क्ययूम, एड बिलाल उददीन, मोहसिन उददीन, मुजाहिद, आजम फरषोरी, सैयद खालिद अली, अजीम उददीन, शहंआलम, आरिफ अली, मो0 खालिद अहमद, शहंशाह खा, असगर, शीबू, शरीफ, आदि रहे।