• Nationbuzz News Editor

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में हिंदी दिवस पखवाड़ा समारोह‘ के तहत अंतरराष्ट्रीय काव्य-गोष्ठी का आयोजन


खबर देश। दिल्ली में जामिया मिल्लिया इस्लामिया के राजभाषा हिंदी प्रकोष्ठ द्वारा 01 सितंबर से मनाए जा रहे हिंदी दिवस पखवाड़ा समारोह‘ के तहत 14 सितंबर 2020 को अंतरराष्ट्रीय काव्य-गोष्ठी हुई। इस अंतरराष्ट्रीय काव्य-गोष्ठी का आयोजन ‘सृजन ऑस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय ई-पत्रिका‘ के सहयोग से किया गया जिसमें पत्रिका के प्रधान संपादक डॉ. शैलेश शुक्ला और मुख्य संपादक पूनम चतुर्वेदी शुक्ला ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढाई। काव्य गोष्ठी में ऑस्ट्रेलिया से श्री संजय अग्निहोत्री, मॉरिशस से श्रीमती कल्पना लालजी, सिंगापुर से श्रीमती श्रद्धा जैन, पपुआ न्यू गिनी से श्री संदीप सिंघवाल, नीदरलैंड से प्रो. पुष्पिता अवस्थी, लन्दन से श्रीमती ज्योर्तिमय ठाकुर, श्रीलंका से श्रीमती अतिला कोतलावल तथा भारत से श्री रणविजय राव ने अपनी सरस रचनाओं से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।


काव्य-गोष्ठी में डॉ. शैलेश शुक्ला ने अपनी मधुर आवाज में प्रेम गीत गाकर सबका मन मोह लिया। काव्य-गोष्ठी के संचालन के साथ जामिया के हिंदी अधिकारी, डॉ. राजेश कुमार ‘मांझी‘ ने हिंदी दिवस के अवसर पर एक गीत का सस्वर पाठ किया। गोष्ठी शुरू होने से पहले, हिंदी दिवस के अवसर पर माननीय केन्द्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक‘ जी का संदेश सुनाया गया। इस काव्य-गोष्ठी की मुख्य अतिथि, जामिया की कुलपति प्रो. नजमा अख्तर ने इस बात पर बल दिया कि हमें हिंदी के ऐसे कार्यक्रमों को समय समय पर आयोजित करते रहना चाहिए जिसमें, विश्व के कोने-कोने में हिंदी और हिन्दुस्तान का झंडा बुलंद करने वाले भारतवंशियों को जोड़ा जा सके। गोष्ठी की अध्यक्षता जामिया की हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. इंदु विरेंद्रा ने की।


प्रोफेसर इंदु वीरेंद्र जी ने कहा यह हमारे लिए बड़े गर्व की बात है कि इस काव्य गोष्ठी में विश्व के कोने-कोने से लोगों ने अपनी सहभागिता दी, आगे इंदु जी ने सभी कवियों की भूरी भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि चाहे वह मॉरीशस के लोग हो चाहे वह लंदन के मूल रूप से वह भारत के ही निवासी हैं और उन सभी के ह्रदय में हिंदुस्तान बसता है जिसका सशक्त प्रमाण आज की काव्य गोष्ठी है | प्रोफेसर इंदु जी ने सभी का धन्यवाद करते हुए कहा ,हम आप सभी आभारी हैं कि आपने आज के इस कार्यक्रम में अपनी सहभागिता एवं उपस्थिति दी| इसमें प्रोफेसर इंदु वीरेंद्र ने धन्यवाद प्रस्ताव ज्ञापित किया सौहार्दपूर्ण वातावरण में कार्यक्रम का समापन हुआ|

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