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बदायूं में ऑनरकिलिंग: हत्यारोपी जुड़वां पिता पकड़े गए तो हक्कीबक्की रह गई पुलिस, जेल भेजे


यूपी बदायूं। दातागंज में हुई ऑनरकिलिंग के मामले में पुलिस ने शुक्रवार को युवती की हत्या के आरोपी पिता चंद्रपाल और कुंवरपाल को जेल भेज दिया। इनमें एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया तो दूसरे ने खुद को पुलिस के हवाले कर दिया। जुड़वा होने की वजह से दोनों हमशक्ल हैं, जिससे पुलिस को उनकी पहचान करना मुश्किल हो गया।


बुधवार रात दातागंज कोतवाली के नजदीक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने 20 वर्षीय युवती की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। कोतवाली में दर्ज एफआईआर के मुताबिक युवती ने बरेली के करगैना निवासी देवेंद्र से प्रेम विवाह किया था। इससे उसके मायके वाले नाराज थे। उन्होंने अपनी बेटी को नाबालिग बताते हुए देवेंद्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। युवती ने 22 जून को बरेली के एक मंदिर में शादी करने के बाद हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर अपनी सुरक्षा की मांग की थी। इस संबंध में 22 जुलाई को डाक द्वारा हाईकोर्ट का आदेश कोतवाली भी पहुंच गया था। बावजूद इसके पुलिस ने नवदंपती को सुरक्षा मुहैया नहीं कराई गई और न ही बरेली जाकर उनके बयान दर्ज किए गए। जबकि हाईकोर्ट ने साफ तौर पर निर्देश दिए थे कि दोनों बालिग हैं तो उनकी इच्छा के अनुरूप साथ रहने दिया जाए। इस संबंध में नवदंपती बुधवार रात अपने बयान दर्ज कराने दातागंज कोतवाली आ रहे थे, लेकिन उससे पहले ही पिता और भाइयों ने युवती पर हमला बोल दिया चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी। पुलिस ने उसी समय युवती के भाई रवित कुमार और पुष्पेंद्र को उसी रात गिरफ्तार कर लिया, जिन्हें बृहस्पतिवार को जेल भेज दिया गया था।


बृहस्पतिवार देर रात पुलिस ने हत्यारोपी पिता कुंवरपाल को गिरफ्तार लिया। इसके बाद चंद्रपाल ने खुद को पुलिस के हवाले कर दिया। पूछताछ के बाद शुक्रवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। वहां से कोर्ट के आदेश पर उन्हें जेल भेज दिया गया।

एक पकड़ा तो दूसरे ने खुद को पुलिस के हवाले किया

बृहस्पतिवार रात आरोपी जुड़वां भाइयों को गिरफ्तार करने के दौरान पुलिस को ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ी। पुलिस ने बृहस्पतिवार रात पापड़ गांव के पास कुंवरपाल के पास से गिरफ्तार किया। वहां मौजूद चंद्रपाल ने पहले भागने की कोशिश की, लेकिन कुंवरपाल को गिरफ्तार हुए देख खुद को पुलिस के हवाले कर दिया। इन दोनों भाइयों में एक विशेषता ये है कि वे एक-दूसरे से अलग नहीं रह सकते। पुलिस के मुताबिक दूसरा भाई कुछ दूरी पर था। वह चाहता तो आसानी से अंधेरे में ओझल हो सकता था पर उसने छुपने की कोशिश नहीं की। वह खुद चलकर पुलिस के कब्जे में आए अपने दूसरे भाई के पास आकर खड़ा हो गया। इसके बाद पुलिस दोनों को कोतवाली ले आई।


चर्चा: थाने में पंचायत के दौरान पुलिस ने भाइयों के साथ बाहर भेजी थी युवती

युवती की हत्या के मामले में उसके पति ने एफआईआर दर्ज कराई है कि वह कार से कोतवाली आ रहे थे। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने आरोपियों ने उनके आगे कार लगा ली और उसकी पत्नी पर हमला बोल दिया। उसकी चाकू से गर्दन रेतकर हत्या कर दी। इस बीच दूसरी चर्चा चल रही है कि युवती शाम को अपने पति के साथ कोतवाली आ गई थी। आरोपी भी कोतवाली में बुला लिए गए थे। एक दरोगा ने पंचायत कराने की कोशिश की। उसने मायके वालों से कहा था कि युवती को बाहर ले जाएं और समझा दें। आरोपी उसे बाहर ले गए और फिर उसकी चाकू से गर्दन रेतकर हत्या कर दी। हालांकि इस घटनाक्रम से पुलिस और परिवार सभी इंकार कर रहे हैं। दोनों का कहना है कि रात में कोतवाली आते समय रोककर हत्या की गई।


हत्यारोपी जुड़वा भाइयों को निर्दोष बता रहे सपाई

समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष प्रेमपाल सिंह यादव के नेतृत्व में शुक्रवार को एक बैठक आयोजित की गई। इसमें उनके बेटे अवनीश यादव ने कहा कि दोनों जुड़वां भाई कुंवरपाल व चंद्रपाल निर्दोष हैं। वह पुलिस से मांग करेंगे कि इसकी गंभीरता से जांच कराई जाए।उनकी ओर से एक प्रतिनिधि मंडल का गठन किया गया है। इसमें जिला महासचिव यासीन अहमद गद्दी, जिला उपाध्यक्ष बलवीर सिंह यादव, जिला महासचिव अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ राजपाल सिंह उर्फ राजू, मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के जिलाध्यक्ष स्वाले चौधरी, जिला कोषाध्यक्ष नरोत्तम कश्यप, विधानसभा अध्यक्ष विवेक यादव युवती के गांव पहुंचे। उन्होंने इसकी जांच की। पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। इस दौरान सुरेंद्र फौजी, डॉ श्रीनिवास सक्सेना, अंकित मौर्य, मनोज यादव, सुनील कुमार गुप्ता, राजवीर यादव, रवि शर्मा मैथिल आदि मौजूद रहे।