नगर विकास राज्यमंत्री महेश चन्द्र गुप्ता ने कहा, पीएम-सीएम की कथनी-करनी में अंतर नहीं


बदायूं। मलेरिया से जितना हो सके बचने का पूर्ण प्रयास किया करें। ऐसी जगह जहां पर कूड़ा या गंदगी पड़ी हो, वहां पर ना जाएं क्योंकि वहां मच्छर हो सकते हैं, साथ ही शाम के समय भी घर पर ही रहें। अपने दरवाजे और खिड़की पर पतली जालियां लगवाएं व घर में भी मच्छरदानी के अंदर ही सोएं। इससे मच्छरों के प्रकोप से बच सकते हैं। दिन हो या रात मच्छरदानी के अदंर ही सोएं। छोटे बच्चों के साथ तो विशेष सावधानी रखें। मच्छरों की संख्या बढ़ने के साथ ही मलेरिया का संक्रमण भी बढ़ने लगता है। इसलिये मच्छरों की रोकथाम करना जरूरी होता है। मच्छरों के प्रजनन के लिये बारिश का मौसम सबसे अनुकूल होता है, पानी को खुले स्थानों पर इकट्ठा न होने दें, नालियों की साफ सफाई रखें और कूलर के पानी को 2-3 दिन बाद बदलते रहें। इससे मादा मच्छर अण्डे नहीं दे पाएंगी।


गुरुवार को नगर विकास राज्यमंत्री/सदर विधायक महेश चन्द्र गुप्ता ने जिलाधिकारी कुमार प्रशान्त एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार त्रिपाठी के साथ विकासखण्ड सालारपुर के अन्तर्गत गांव सादुल्लापुर भितारा में संचारी रोग नियंत्रण अभियान कार्यक्रम में ग्रामीणों को मच्छरदानी, माॅस्कीटो क्वाइल, मास्क, क्लोरीन की गोली एवं साबुन निःशुल्क वितरित किए।

नगर विकास राज्यमंत्री/सदर विधायक महेश चन्द्र गुप्ता ने कहा कि सरकार की मंशा है कि देश का प्रत्येक व्यक्ति सुखी रहे। पहले अमीर बेटा ही अपने बाप का इलाज अच्छे अस्पताल में करा सकता था, लेकिन आयुष्मान योजना के अन्तर्गत अब गरीब का बेटा भी पांच लाख रुपए तक का निःशुल्क इलाज अच्छे अस्पतालों में करा सकता है। गंभीर बीमारियों के निःशुल्क टीके लगाए जा रहे हैं, जिससे देश स्वस्थ्य रहे। प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री की कथनी और करनी में अंतर नहीं है इसलिए उनकी वाणी में दम है। प्रदेश के मुख्यमंत्री ने जितनी चिंता प्रदेशवासियों की है, उसके लिए उनका जितना नमन किया जाए कम है। उनके पिता का स्वार्गवास हुआ और वह उनकी अन्तेष्ठी में नहीं गए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोग जो इस महामारी का कष्ट झेल रहे हैं, ऐसे में वह उनका सहयोग करेंगे। देश आत्मनिर्भर बनेगा, कोरोना हारेगा, भारत जीतेगा, इसलिए जागरुक रहें।


डीएम ने कहा कि जनपद में संचारी रोग नियंत्रण पखवाड़ा चल रहा है, जिसमें विशेष रूप से जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। जिले में मलेरिया का प्रकोप अधिक रहता है। मलेरिया धनात्मक रोगी की दवा सेवन आशा की निगरानी में किया जा रहा है पाॅजीटिव मरीज ने दवा का पूरा सेवन कर लिया है आशा से इसका प्रमाणीकरण भी लिया जाएगा। मलेरिया के केस का शतप्रतिशत फाॅलोअप किया जा रहा है। मरीज मलेरिया दवाई का पूरा कोर्स करें, इससे वह दोबारा होने वाले संक्रमण से बच सकते हैं। जब भी पानी का सेवन करें तो उसे उवालकर व छानकर व क्लेारीन की गोली डालकर पिएं। कोरोना काल भी चल रहा है इसलिए मास्क का प्रयोग ज़रूर करें, शारीरिक दूरी का पालन करें, बार-बार हाथ धोते रहे, बाहर से आने पर स्वयं अच्छी तरह स्वच्छ कर लें।