यूपी में पुलिस अधीक्षक व जिलाधिकारी करेंगे हॉटस्पॉट इलाकों की लगातार मॉनिटरिंग


यूपी। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव को लेकर उठाए जा रहे कदमों को सख्ती से लागू करने के निर्देश देने के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलाधिकारियों व पुलिस कप्तानों को लॉकडाउन के दौरान चिह्नित हॉटस्पॉट क्षेत्रों की लगातार मॉनिटरिंग करने और सप्लाई चेन को बनाए रखने को कहा है। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने शुक्रवार को बताया कि मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों का अक्षरश: अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। हॉटस्पॉट क्षेत्रों को पूरी तरह से सील कर आवागमन को मजबूती से रोका जाए और घर-घर को सैनिटाइज किया जाए। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण को छुपाने एवं जानबूझकर न बताने वाले लोगों को चिह्नित कर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। ऐसे लोगों को प्रश्रय देने वालों और उनकी तलाशी में लापरवाही बरतने वाले संबधित क्षेत्र के थानेदारों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि निराश्रित व्यक्ति की मृत्यु होने पर शासन द्वारा अनुमन्य राशि से दिवंगत का अंतिम संस्कार कराए जाने के भी सीएम ने निर्देश दिए गए हैं। हॉटस्पॉट इलाकों में हो रही कार्यवाही अवस्थी ने बताया कि प्रथम चरण में 179, दूसरे में 93 और तीसरे चरण में अब तक सात हॉटस्पॉट क्षेत्रों को चिह्नित कर कार्रवाई की गई है। तीसरे चरण में अब तक 4009 मकान चिह्नित करते हुए 20,692 व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की गई है। नियमों का उल्लंघन करने पर 20,453 के खिलाफ एफआईआर अवस्थी ने बताया कि कोरोना वायरस के दृष्टिगत प्रदेश में लॉकडाउन अवधि में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में अब तक धारा 188 के तहत 20,453 लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई। प्रदेश में अब तक 18,48,143 वाहनों की चेकिंग में 24,667 वाहन सीज किए गए और चेकिंग अभियान के दौरान आठ करोड़ से ज्यादा का शमन शुल्क वसूल किया गया। वहीं कालाबाजारी व जमाखोरी करने वाले 549 लोगों के खिलाफ 435 एफआईआर दर्ज करते हुए 199 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।