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  • Mohd Zubair Qadri

अंनतिम आरक्षण ने सूरमाओं के बिगाड़ दिये राजनीतिक समीकरण, बड़ा फेरबदल


यूपी बदायूं। अंनतिम आरक्षण सूची जारी होने के बाद नगर निकाय चुनाव का बिगुल बज गया है। वर्ष 2017 के आरक्षण के सापेक्ष वर्ष 2022 के आरक्षण में बड़ा फेरबदल हुआ है। जिससे क्षेत्र में अपनी जीत का डंका पीटने वाले सियासी महारथियों का सर्दी में पसीना छूट गया। आरक्षण ने तमाम लोगों को चेयरमैन पद की दावेदारी से बाहर कर दिया है।


सोमवार देर शाम जारी हुयी आरक्षण की सूची ने जिले की नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों में सियासी समीकरण बदल दिये है। नगर पालिका परिषद की बात करें तो सात में से पांच के आरक्षण बदले गये है। सहसवान और ककराला पर आरक्षण एक सामान है। बदायूं नगर पालिका परिषद और दातागंज नगर पालिका के आरक्षण बदलने से राजनीतिक दलों के सूरमाओं के अरमान पानी में बह गये है। वहीं नगर पंचायतों के आरक्षण में भी बड़ा बदलाव हुआ है। जिसमें वजीरगंज, इस्लामनगर, फैजगंज बेहटा के नेताओं के ऊपर खासा असर पड़ा है।


जहां एक तरफ सत्ताधारी दल भाजपा सभी 21 सीटों पर कमल खिलाने का दावा कर रही है। वहीं, समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष प्रेमपाल सिंह यादव ने स्पष्ट आरोप लगाया है कि सूची में भेदभाव पूर्ण नीति अपनाई गई है। ताकि सपा को नुकसान हो जाए। इसी बीच कई ऐसे दावेदार भी थे, जो चेयरमैनी हासिल करने की चाह रख रहे थे। हालांकि सूची जारी होने के बाद वे अंदरखाने टूट चुके हैं।


हर सीट पर खिलेगा कमल : राजीव भाजपा जिला अध्यक्ष


भाजपा जिला अध्यक्ष राजीव गुप्ता का कहना है कि आरक्षण सूची के हिसाब से अब प्रत्याशी तय किए जाएंगे। हर सीट पर कमल खिलेगा। रही बात टिकट के दावेदारों की दौड़ की तो संगठन में अनुशासन हावी है और जिसे भी टिकट मिलेगा, बाकी के सभी दावेदार उसे ही चुनाव लड़ाएंगे। हर हाल में भाजपा की हर सीट पर जीत तय है।


शासन की नीति भेदभाव पूर्ण : प्रेम पाल सपा जिला अध्यक्ष


सपा जिला अध्यक्ष प्रेम पाल सिंह यादव का सीधा आरोप है कि शासन स्तर से जो आरक्षण सूची जारी हुई है। वह भेदभाव पूर्ण है।इसमें हर तरीके से यही साजिश की गई है कि सपा को नुकसान पहुंचे। हालांकि, जनता को यह खेल समझ आ चुका है और हर हाल में सभी सीटों पर समाजवादी पार्टी का परचम लहरायेगा। रही बात टिकट की तो यह फैसला हाईकमान स्तर से होगा।

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