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स्वतन्त्रता दिवस की पूर्व संध्या पर नगर पालिका में कविसम्मेलन एवं मुशायरे का आयोजन


यूपी बदायूं। अमृत महोत्सव के तहत 75वें स्वतन्त्रता दिवस की पूर्व संध्या पर नगर पालिका परिषद के प्रांगण में वरिष्ठ साहित्यकार अशोक खुराना के संयोजन में कविसम्मेलन एवं मुशायरे का आयोजन किया गया, जिसमें कवियों व शायरों ने राष्ट्र प्रेम की कविताओं एवं ग़ज़लों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता आशा राठौर ने की। नगर पालिका परिषद की चेयरपर्सन दीपमाला गोयल कार्यक्रम की मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। न.पा. परिषद के अधिशासी अधिकारी संजय तिवारी व वरिष्ठ शायर खालिद नदीम कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ उज्जवल वशिष्ठ ने सरस्वती वंदना व अहमद अमजदी ने नाते-पाक पढ़कर किया ।


वरिष्ठ कवि महेश मित्र ने पढ़ा-

ऐ शहीदों! मैं करता हूँ तुमको नमन

तुमने अपने लहू से है सींचा चमन।


कार्यक्रम के संयोजक अशोक खुराना ने पढ़ा-

जिन वीरों ने जान की आज़ादी के नाम

उन्हें खुराना कर रहा सौ-सौ बार प्रणाम।


ओज कवि कामेश पाठक ने पढ़ा -

जिसकी पुनीत पावन धरती को नमन करे संसार

सबसे प्यारा देश हमारा है जन्नत का द्वार।


शम्सुद्दीन शम्स ने पढ़ा-

मनायें दोस्तो! हम जश्ने शामे आज़ादी

उठाएं मिल के खुशी का ये जामे आज़ादी।

ये सच है दोस्तो आज़ाद की कसम ऐ शम्स

सदा से ये मिरा दिल है गुलामे आज़ादी।


उस्ताद शायर डॉ. मुजाहिद नाज़ बदायूंनी ने पढ़ा -

अभी तो अपने तिरंगे की शान बाकी है

डरो ना दोस्तों हिंदोस्तान बाकी है।

डॉ. नासिर ने पढ़ा-

सब मिल के अपने मुल्क को ऐसा बनायें हम

दुनिया के सामने न कभी सर झुकायें हम।


अजीत सुभाषित ने पढ़ा-

आजादी का दिन है यारो इसका कोई मोल नहीं

भारत माँ के जयकारों से बढ़कर कोई बोल नहीं

अभी तो अपने तिरंगे की शान बाकी है..


इनके अलावा षटबदन शंखधार,वरिष्ठ शायर सुरेन्द्र नाज़ बदायूनी, सगीर अहमद, ओमवीर तरंग व प्रदीप रायजादा विशाल आदि ने काव्यपाठ किया। कार्यक्रम का संचालन युवा कवि पवन शंखधार ने किया। कार्यक्रम के सहसंयोजक डॉ. मुजाहिद नाज़ व अरविंद सिंह राठौर रहे। डॉ. मनवीर सिंह, सभासद अनवर ख़ाँ, रजनीश शर्मा, पंकज शर्मा, मुशाहिद ख़ान, नावेद इक़बाल, शशांक रायजादा ओमदत्त शर्मा, अब्बास अहमद ख़ाँ, सादिक़ हुसैन आदि उपस्थित रहे।