• Nationbuzz News Editor

बदायूं में कुछ स्कूल ने भी अब जूम के माध्यम से पढ़ाई कराना शुरू किया जो की अनसेक्यूर


खबर यूपी। बदायूं के कुछ प्राइवेट स्कूल ने भी अब ऑनलाइन जूम के माध्यम से पढ़ाई कराना शुरू किया जो की बच्चों के लिए अनसेक्यूर है बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ जैसा है। जिला प्रशासन को तुन्त इस पर लगानी होगी रोक जूम एप स्क्रीन पर पॉर्न फिल्म चलने लगी। दुनियाभर में जूम से जुड़े ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां मीटिंग्स और क्लासेज को हैक कर पॉर्न क्लिप प्ले कर दी जा रही है। टेक्निकल भाषा में हैकर्स की इस करतूत को एक्सपर्ट्स Porn Bombing कहते हैं। स्टूडेंट्स के स्क्रीन पर पॉर्न फिल्म चंडीगढ़ के एक स्कूल ने ऑनलाइन क्लासेज के लिए जूम ऐप का इस्तेमाल शुरू किया था। 18 अप्रैल को जब जूम ऑनलाइन क्लास को हैक किया गया उस वक्त टीचर कॉन्फ्रेंस को लॉक कर ऑडियो-विडियो क्वॉलिटी चेक कर रही थीं। सबकुछ चेक करने के बाद टीचर 10वीं के 45 स्टूडेंट्स को रिप्रॉडक्शन चैप्टर पढ़ाना शुरू करने वाली थीं कि तभी स्टूडेंट्स के स्क्रीन पर पॉर्न फिल्म चलने लगी। 5 मिनट तक चलती रही पॉर्न फिल्म जूम ऐप के बारे में टीचर को ज्यादा जानकारी नहीं थी। इसीलिए करीब 5 मिनट तक उन्हें समझ ही नहीं आया कि चल रही पॉर्न फिल्म को बंद कैसे किया जाए। इसके बाद स्कूल मैनेजमेंट ने उस स्टूडेंट से भी संपर्क किया जिसके स्क्रीन से पॉर्न फिल्म प्ले की गई थी। मैनेजमेंट को पहली बार लगा कि स्टूडेंट ने जानबूझकर ऐसा किया है। हालांकि, स्टूडेंट ने इन आरोपों को नकारते हुए कहा कि जब क्लास शुरू होने वाली थी तो उसके पिता वहीं मौजूद थे। एक्सपर्ट्स ने बताया जूम बॉम्बिंग स्कूल मैनेजमेंट ने इस घटना की जानकारी पुलिस को दे दी है। वहीं, साइबर क्राइम एक्सपर्ट्स ने इसे जूम बॉम्बिंग बताया है। जब कोई अनजान यूजर जूम मीटिंग या क्लास में जबर्दस्ती एंटर कर जाता है, तो उसे जूम बॉम्बिंग कहते हैं। पिछले कुछ वक्त में ऐसी कई घटनाएं सुनने को मिली हैं, जिनमें हैकर्स ने मीटिंग या क्लासेज को हैक कर भड़काऊ फोटो दिखाने के साथ ही पॉर्न फिल्म को प्ले किया है। इतना ही नहीं, ये हैकर जूम बॉम्बिंग से मेंबर्स की निजी जानकारियों को भी सार्वजनिक कर देते हैं। दिल्ली में भी सामने आया ऐसा मामला चंडीगढ़ के अलावा दिल्ली के भी स्कूल ने जूम सेशन के हैक होने की बात कही थी। इसमें जूम सेशन को हैक करने के बाद साइबर क्रिमिनल्स स्टूडेंट्स के फर्जी नाम से गलत भाषा में बात करते थे। स्कूल के जनरल सेक्रेटरी ने बताया कि इस तरह हैकर्स की कोशिश रहती थी कि टीचर्स जूम ऑनलाइन क्लास सेशन को बीच में ही बंद कर दें। सरकार ने दी जूम ऐप न इस्तेमाल करने की सलाह यूजर्स की प्रिवेसी और सिक्यॉरिटी से जुड़े इस मामले पर संज्ञान लेते हुए गृह मंत्रालय ने जूम ऐप न इस्तेमाल करने की सलाह दी है। इसके साथ ही सरकार ने जोर देकर यह भी कहा है कि जूम ऐप को यूज करना सुरक्षित नहीं है। सिंगापुर की सरकार ने भी अपने यहां के स्कूलों और यूजर्स को ऐसी ही सलाह दी है। क्लासेज के लिए करें यूट्यूब और वॉट्सऐप ग्रुप्स या फेसबुक का इस्तेमाल ऑनलाइन टीचिंग पर बात करते हुए CBSE के डायरेक्टर ऑफ अकैडमिक्स जॉसेफ इमैन्युअल ने हफपोस्ट को बताया कि उन्होंने अपने स्कूलों को ऑनलाइन कोचिंग की सलाह तो दी है, लेकिन इसके लिए कौन सा मीडियम इस्तेमाल किया जाएगा इस बारे में कोई सुझाव नहीं दिया गया है। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि कई स्कूल इसे अफोर्ड नहीं कर पाएंगे। इमैन्युअल ने आगे कहा कि स्कूलों को स्टूडेंट्स को पढ़ाने के लिए यूट्यूब और वॉट्सऐप ग्रुप्स का इस्तेमाल करना चाहिए। पैसों की मांग कर रहे हैकर जूम ऐप से जुड़े एक और मामले में कोलकाता के दो प्रफेशनल्स से पैसे मांगे गए। इस रैंसमवेयर अटैक में हैकर्स ने जूम विडियो कॉलिंग ऐप इस्तेमाल करने वाले इन दोनों यूजर्स से बिटकॉइन में पैसे मांगे। पुलिस ने बताया कि हैकर्स बिटकॉइन्स से बदले यूजर्स के एनक्रिप्टेड डेटा को वापस करने की बात कर रहे थे। हैकर्स ने बिटकॉइन्स की डिमांड ईमेल भेजकर की। पुलिस की मानें तो इनमें से एक यूजर से इन हैकर्स के 1 हजार अमेरिकी डॉलर के बिटकॉइन की मांग की थी।

  • Facebook
  • Twitter
  • YouTube