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निजी अस्पताल में गर्भवती महिला की मौत, सड़क पर शव रखकर बिलखते रहे परिजन


यूपी बदायूं। शहर में पनबड़िया विद्युत उपकेंद्र के सामने निजी अस्पताल में सोमवार शाम 28 वर्षीय गर्भवती महिला सना की मौत हो गई। परिवार वालों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन किया। इससे सड़क पर मामूली जाम भी लग गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने समझाबुझाकर महिला का शव पोस्टमार्टम को भेजा।


अग्रवाल नर्सिंग होम का है। सोमवार सुबह ककराला के वार्ड नंबर 23 निवासी अल्ताफ की पत्नी सना को प्रसव पीड़ा के बाद यहां भर्ती कराया गया था। परिजनों आरोप है कि भर्ती के समय 10 हजार रुपये जमा कर 20 हजार रुपये डिलीवरी के बाद देने के लिये कागज पर हस्ताक्षर कराये गये थे। दोपहर तक डाक्टर परिजनों को सामान्य प्रसव होने की बात कहते रहे। शाम चार बजे डाक्टर ने कहा कि आपके मरीज की हालत ठीक नहीं है, इसको कहीं अन्य अस्पताल ले जाओ। यह बात सुनकर परिजन घबरा गये और वह दूसरे अस्पताल ले जाने के लिए गाड़ी करने लिए चले गये। आरोप है कि जब वाहन की व्यवस्था करके लौटे तो सना का नर्सिंग होम के गेट पर पड़ी मिली और अस्पताल का गेट बंद था। परिजनों ने देखा तो उसकी मौत हो चुकी थी। यह देखकर परिजनों में कोहराम मच गया।


परिजनों ने शव सड़क क बीचोंबीच रखकर जाम लगा दिया। अस्पताल संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा होने लगा। सूचना पर डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंच गयी। कुछ ही देर में कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच गयी। पुलिस ने परिजनो को अस्पताल संचालक के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। जिसके बाद परिजन शांत हुये। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया। वहीं परिजनों ने पुलिस को तहरीर दे दी है। शहर कोतवाल हरपाल सिंह वालियान ने बताया, तहरीर मिली है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की जायेगी।


सना की पहली डिलेवरी थी


सना की दो साल पहले अल्ताफ के साथ शादी हुयी थी। समा का पहला बच्चा था। परिजनों में घर में नये मेहमान के आने की तैयारी चल रही थी। बीच उसकी मौत की खबर से सभी अरमान धरे के धरे रह गये। परिजनों ने बताया, ककराला के कई लोगों अपनी महिलाओं को लेकर यहां आते थे। उन्होंने ने भी सोचा अस्प्ताल बेहतर होगा, अच्छा उपचार मिलेगा। इसलिये यहां चले आये। उन्हें क्या पता था कि बच्चे की जगह महिला की लाश मिलेगी।


हेल्दी बच्चा था, पेट में ही मरा


परिजनों के मुताबिक बच्चा हेल्दी था। वजन भी ज्यादा था। डाक्टर यही आश्वासन देते रहे कि सामान्य प्रसव होगा। पहले सब कुछ ठीक बताते रहे। हर सभी को बाहर निकाल दिया।भीतर क्या किया, कह नहीं सकते। हमें तो नर्सिंग होम के बाहर शव पड़ा मिला। प्रसव न करा पाने के चलते बच्चे की महिला के पेट में ही मौत हो गयी। यह देख स्टाफ के हाथपांव कांप गये। हालत बिगड़ती देख उसे कहीं और ले जाने को कह दिया। उन्हें पता था कि महिला नहीं बचा पायेंगे। सना की मौत अस्पताल में ही हो गयी। शव को परिवार की बिना मौजूदगी के गेट के बाहर रख दिया।