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लापरवाही के चलते क्वारंटाइन किए गए संक्रमित खुले में घूम रहे, नहीं हो रही मॉनिटरिंग


यूपी बदायूं। बदायूं। पिछले साल अप्रैल 2020 में जिले में पहली बार कोरोना संक्रमण के एक साथ सात मामले सामने आने के बाद बदायूं सुर्खियों में आ गया था। कोरोना की दूसरी लहर भी जिले में कहर बरपा रही है, इसके बावजूद लोग सतर्क नहीं हैं। संक्रमित भी दूसरों को संक्रमित करने पर तुले हुए हैं। इतना ही नहीं क्वारंटीन किए गए संक्रमितों की मॉनिटरिंग तक नहीं हो रही है।


दहगवां कस्बे की सुनारों वाली गली में 28-29 अप्रैल को एक व्यक्ति की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई थी। इसके बाद एक ही परिवार में 12 लोगों को कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। हालात सामान्य होने के कारण स्वास्थ्य विभाग ने इन संक्रमितों को घरों में ही क्वारंटीन कर दिया, लेकिन इनकी मॉनिटरिंग पर कोई ध्यान नहीं दिया। गौर करने वाली बात यह है कि क्वारंटीन किए गए इन लोगों को यहां-वहां ऐसे ही घूमते देखा जा सकता है। इससे संक्रमण बढ़ने का खतरा बना हुआ है। इतना ही नहीं जिन लोगों को क्वारंटीन रहना चाहिए था, उनमें कई तो दुकानों पर भी बैठ रहे हैं। संक्रमण की रफ्तार को देखते हुए सरकार ने कोरोना कर्फ्यू की अवधि 17 मई तक बढ़ा दी है, लेकिन जिले में ज्यादातर स्थानों पर कर्फ्यू का पालन ही नहीं हो रहा है।


जो संक्रमित क्वारंटीन किए गए हैं, उन पर नजर रखी जा रही है। अगर कोई घर से बाहर घूमता है तो उसे दिखवाया जाएगा। लोगों को खुद भी जागरूक होना होगा कि वह गाइड लाइन का पालन करें। दो गज की दूरी और मास्क कभी न भूलें। संक्रमितों के बाहर घूमने पर कार्रवाई की जाएगी। -


राजेश कुमार, चिकित्साधिकारी, दहगवां

चिकित्सा कर्मियों को निजी खर्च पर बांटी कोरोना किट

सैदपुर। सीएचसी के कई स्वास्थ्य कर्मियों और डॉक्टर के कोरोना संक्रमित हो जाने के बाद यहां ज्यादा सतर्कता बरती जा रही है। क्षेत्र में सैंपलिंग में इजाफा करने के साथ ही कोरोना किट का भी वितरण किया जा रहा है। सीएचसी प्रभारी डॉ. फिरासत हुसैन ने चिकित्सा कर्मियों को अपने निजी खर्च पर 245 कोरोना किट का वितरण किया। इसके साथ ही पत्रावली भी दी, इसमें कोरोना संक्रमण में सावधानियों के संबंध में बताया गया है। सैदपुर सीएचसी के डॉ. उवैस और डॉ. सरिता तोमर कोरोना संक्रमित हो गए हैं। डॉ. सरिता नोएडा में भर्ती हैं जबकि डॉ. उवैस होम क्वारंटीन हैं। स्टाफ के कोरोना संक्रमित होने के कारण डॉ. फिरासत पर काम का ज्यादा बोझ बढ़ गया है। डॉ. फिरासत ने बताया कि संक्रमितों को किट का वितरण किया जा रहा है। स्टाफ के लोगों को उन्होंने खुद किट का वितरण किया है।