• nationbuzz3

चालक को झपकी आने से बड़ा हादसा बरेली में दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर 7 लोगों की मौत


यूपी। प्रदेश के बरेली जिले में दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर शंखा पुल के पास मंगलवार सुबह लगभग साढे़ छह बजे एम्बुलेंस चालक को झपकी आने से बड़ा हादसा हो गया। दिल्ली से पीलीभीत जा रही एम्बुलेंस आगे चल रहे मिनी ट्रक से भिड़ गई। इस हादसे में सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मरने वाले एक ही परिवार के थे। इनमें चार पीलभीत व तीन बरेली के निवासी थे। मृतकों में तीन महिलाएं हैं। पुलिस ने क्रेन से एम्बुलेंस और मिनी ट्रक को अलग किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्विट कर मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।


थके तन, टूटे मन... सुन नहीं सके मौत की आहट

एम्स दिल्ली के डॉक्टरों के इनकार से ब्लड कैंसर से जूझ रही समीरन की जिंदगी बचाने की आखिरी आस ही नहीं टूटी, मन भी टूट गया। रात भर जागने के साथ साढ़े पांच सौ किमी से ज्यादा लंबे सफर ने सभी के शरीर को भी तोड़ दिया था। हारे तन-मन लेकर लौट रहे लोगों में किसी को यह ख्याल नहीं आया कि एंबुलेंस ड्राइवर पर बुरी तरह हावी थकान उन सबकी जिंदगी पर भारी पड़ सकती है... और दुर्योग से हुआ भी यही।


लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर फतेहगंज पश्चिमी के शंखा पुल के पास मंगलवार सुबह सड़क हादसे में एक ही परिवार के छह लोगों समेत सात लोगों की मौत के पीछे समीरन बेगम को बचाने की नाकाम जद्दोजहद सबसे बड़ी वजह साबित हुई। कई दिनों से ब्लड कैंसर पीड़ित समीरन को एम्स दिल्ली में भर्ती कराने की कोशिश की जा रही थी।


एम्स से 31 मई की तारीख मिलने के बाद उनके पति खुर्शीद, बेटा आरिफ, ननद सगीर बानो, बहन नसरीन और भतीजा जफर 29 मई की रात को उन्हें एंबुलेंस से लेकर दिल्ली रवाना हुए थे। 30 मई की सुबह साढ़े 11 बजे वे लोग एम्स पहुंचे। एम्स में डॉक्टरों ने समीरन की हालत देखने के बाद भर्ती करने से इनकार कर दिया। बताया जाता है कि समीरन के परिवार के लोग डॉक्टरों के आगे काफी गिड़गिड़ाए, शाम तक रुककर समीरन को भर्ती कराने की कोशिश करते रहे लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।


आखिरकार मायूस होकर रात एक बजे घर बिलसंडा (पीलीभीत) लौटने के लिए रवाना हुए। एंबुलेंस ड्राइवर मेहंदी खां भी खुर्शीद के रिश्तेदार थे। रात भर जागने के कारण थके हुए थे। समीरन को भर्ती कराने के लिए खुर्शीद के साथ लगे रहने की वजह से दिन में भी नहीं सो पाए। इसके बावजूद रिश्तेदारी का मामला होने की वजह से ही एंबुलेंस लेकर पीलीभीत के लिए चल पड़े।


घटनास्थल पर पहुंचे डीएम और एसएसपी

दुर्घटना में सात लोगों की मौत होने की सूचना मिलने के बाद सुबह करीब आठ बजे डीएम शिवाकांत द्विवेदी और एसएसपी रोहित सिंह सजवाण घटनास्थल पर पहुंचे। दोनों अफसरों ने फतेहगंज पुलिस से हादसे के बारे में जानकारी ली। मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों से भी बातचीत की। डीएम ने फतेहगंज पुलिस को जल्द से जल्द सभी शवों का पोस्टमार्टम कराकर उन्हें परिवार के सुपुर्द करने के निर्देश दिए।


हादसे में एंबुलेंस में सवार सात लोगों की दुखद मौत हुई है। इनमें छह लोग एक ही परिवार के थे, एंबुलेंस ड्राइवर भी इसी परिवार का रिश्तेदार था। - रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी