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मेडिकल कालेज की व्यवस्था फेल होने एवं लगातार कोरोना की मौतों पर शासन सख्त प्राचार्य हटाये


यूपी बदायूं। राजकीय मेडिकल कालेज की व्यवस्थाायें फेल होने एवं लगातार कोरोना की मौत होने पर शासन सख्त हो गया है। शासन ने प्राचार्य डॉ. आरपी सिंह को हटा दिया। दो अफसरों पर कार्रवाई की तलवार लटकी हुयी है। ऑक्सीजन को लेकर व्यवस्था फेल होने और बड़ी संख्या में मौत के मामले में जनप्रतिनिधियों की शिकायत के बाद यह कार्रवाई की गयी।


गुरुवार को शासन ने राजकीय मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. आरपी सिंह को बदायूं मेडिकल कालेज से हटाते हुये उन्हें फहतेपुर मेडिकल कालेज भेज दिया। शासन ने तबादला करते हुये आदेश जारी कर दिया है और डीएम को सूचना दे दी है। मेडिकल कालेज में अभी किसी नये प्राचार्य की तैनाती नहीं की है। शासन ने प्राचार्य डॉ. आरपी सिंह को जल्द रिलीव कर रिपोर्ट मांगी है। तब तक के लिये कार्यभार सीएमएस डॉ. सीपी सिंह को सौंपने के निर्देश दिये गये हैं।


बतादें कि मेडिकल कालेज में लगातार करीब 40 मौतें हो चुकी हैं जिसमें मेडिकल कालेज प्रशासन की लापरवाही सामने आई है। ऑक्सीजन का संकट बन गया और मौतें हुई लेकिन व्यवस्था नहीं कर पाये हैं। इसके अलावा मरीजों को भोजन समय से न मिलना, रात के समय डॉक्टरों द्वारा न देखा जाना, मरीजों से भोजन के पैसा वसूलने जैसे कई शिकायतें सामने आयी। जिसके बाद सांसद, विधायक, मंत्री खफा थे और सीधे मुख्यमंत्री से शिकाययत की थी।


शेखूपुर विधायक ने मुख्यमंत्री को लिखा था पत्र


राजकीय मेडिकल कालेज की चौपट व्यवस्थाओं पर शेखूपुर विधायक धर्मेंद्र शाक्य ने प्राचार्य डॉ. आरपी सिंह पर गंभीर आरोप लगाये। इसके साथ ही मुख्यमंत्री से भी शिकायत की, जिसमें तत्काल प्राचार्य को हटाने की मांग की थी। कहा था कि वह निजी अस्पताल संचालकों से संबंध बनाकर कमीशन लेने तक का आरोप लगाया। इससे पहले शेखूपुर विधायक मेडिकल कालेज में निरीक्षण करके आये थे और व्यवस्थायें देखने पर मुख्यमंत्री को पत्र लिखा।


मेडिकल कालेज को दो अफसरों पर और गिरेगी गाज


राजकीय मेडिकल कालेज कोविड अस्पताल होने के बाद भी जिम्मेदारों ने जमकर लापरवाही की है। जिसमें अभी दो अफसरों के नाम और शामिल हैं जो शासन स्तर से कार्रवाई होनी बाकी है। अधिकारियों द्वारा मेडिकल कालेज की व्यवस्थाओं को लेकर गुमराह किया जा रहा था और लोगों के तथा नेता अफसरों के फोन जल्दी नहीं उठा रहे थे। वहीं मौत के आंकड़े दबाने का प्रयास कर रहे थे।


राजकीय मेडिकल कालेज के प्राचार्य को बदायूं से हटाकर फेहतपुर मेडिकल कालेज भेजा गया है। शासन स्तर से कार्रवाई हुयी है, इसके शासन से फिलहाल नवीन तैनाती भी किसी की नहीं की गयी है।


दीपा रंजन, डीएम बदायूं