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जिले में डेंगू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है तेजी से पसार रहा पांव, छह नए रोगी मिले


यूपी बदायूं। जिले में डेंगू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। जिस तरह से रोजाना डेंगू के रोगी मिल रहे हैं उसको देखते हुए कहा जा सकता है कि रोकथाम को ठोस कदम नहीं उठाए गए तो हालात बेकाबू हो सकते हैं। मंगलवार को भी जिले में डेंगू के छह रोगी मिले। इनमें तीन को एलाइजा जांच और तीन को एसएन-वन जांच में डेंगू की पुष्टि हुई।


मंगलवार को अलग-अलग स्थानों पर बुखार पीड़ितों की जांच में फैल्सीपेरम के पांच और मलेरिया के भी 17 रोगी मिले। जिला अस्पताल परिसर में मंगलवार को डेंगू के दो रोगी मिले। इसके अलावा शहर के नेकपुर में एक रोगी मिला। गुलड़िया नगर पंचायत में निजी लैब की जांच में अनीता (43) पत्नी सत्यवीर, भूमिका (11) पुत्री सत्यवीर और सुषमा (38) पत्नी वेदपाल को डेंगू की पुष्टि हुई। हालांकि, इन लोगों ने एलाइजा जांच नहीं कराई है।


निजी लैब में जांच कराने के बाद निजी डॉक्टर के यहां ही इलाज करा रहे हैं। वेदपाल नगर पंचायत का सफाई कर्मचारी है। हालत बिगड़ने पर वेदपाल ने सुषमा को बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। अनीता और भूमिका का शहर के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।

एलाइजा जांच से डेंगू रोगियों की पुष्टि की बात करें तो इनकी संख्या बढ़कर 25 हो गई है। इनमें सात रोगी अकेले जिला अस्पताल परिसर में मिल चुके हैं। इसके अलावा शहर के मोहल्ला नेकपुर, पटेल नगर, सिविल लाइंस में भी कई केस सामने आ चुके हैं। इसके बावजूद अब तक शहर में फॉर्गिंग नहीं की गई है।

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गुलड़िया में बुखार का प्रकोप, 100 से ज्यादा लोग बीमार

मूसाझाग। गुलड़िया में इन दिनों बुखार का काफी प्रकोप है। यहां 100 से ज्यादा लोग बीमार हैं। ज्यादातर लोग निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। जो लोग निजी लैब में जांच कराते हैं उनमें कई को डेंगू की पुष्टि कर दी जाती है। इसके बाद भी ऐसे संदिग्ध डेंगू रोगियों की एलाइजा जांच कराने को लेकर स्वास्थ्य विभाग गंभीर नहीं है। हालांकि, पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष मच्छरजनित बीमारियों का प्रकोप कम है, इसी तरह से लापरवाही होती रही तो एक बार फिर से हालात पर काबू पाना मुश्किल हो सकता है। संवाद

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बिल्सी के रिसौली में बुखार का प्रकोप, एक की मौत

बिल्सी। क्षेत्र के गांव रिसौली में इन दिनों बुखार का प्रकोप बना हुआ है। गांव के प्रवीन शर्मा की बुखार से मौत होने के बाद गांव के लोग डेंगू को लेकर खौफजदा हैं। ज्यादातर बुखार पीड़ित निजी अस्पतालों और झोलाछाप के यहां इलाज करा रहे हैं। अब तक स्वास्थ्य विभाग ने गांव में हेल्थ कैंप लगवा कर बुखार पीड़ितों की जांच कराना जरूरी नहीं समझा है। गांव के प्रतिपाल सिंह, उदयराज सिंह, खुशेंद्र सिंह, पकंज, नागेंद्र समेत काफी संख्या में बच्चे बुखार की गिरफ्त में हैं। संवाद

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पिछले वर्ष के मुकाबले मच्छरजनित बीमारियों का प्रकोप काफी कम है। जिला अस्पताल में एलाइजा जांच की सुविधा है। लोगों को चाहिए कि वह जिला अस्पताल में एलाइजा जांच कराएं। निजी लैब की जांच में डेंगू की पुष्टि भरोसेमंद नहीं है।

डॉ. विक्रम सिंह पुंडीर, सीएमओ