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सफाई कर्मियों की हड़ताल के चलते शहर में लोगों को इस बार गंदगी के बीच दीपोत्सव मनाना पड़ेगा


यूपी बदायूं। नगर विकास राज्यमंत्री के शहर के लोगों को इस बार गंदगी के बीच दीपोत्सव मनाना पड़ेगा, वजह है देयों की मांग को लेकर सफाई कर्मियों का हड़ताल। हड़ताल के चलते शहर में शायद ही कोई बाजार या पॉश इलाका हो जहां गंदगी के ढेर न लगे हों। कई स्थानों पर तो नाले चोक होने से बिना बारिश के जलभराव हो गया है। बाजारों में कीचड़ सड़क पर आने से दुकानदारों के साथ ग्राहकों को भी समस्या हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर का दिवाली के मौके पर इससे बुरा हाल कभी नहीं देखा। इधर, नगर पालिका के संविदा सफाईकर्मी देयकों के भुगतान की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं। बिना देयकों के भुगतान वे हड़ताल वापस लेने को तैयार नहीं है। दूसरी ओर नगर पालिका का रवैया भी अड़ियल है। नगर पालिका हड़ताली कर्मचारियों से बात करने के लिए तैयार नहीं है। नगर विकास राज्यमंत्री महेश चंद्र गुप्ता का शहर होने के बाद भी कर्मचारियों की हड़ताल खत्म नहीं हो पा रही। शहर में प्रवेश मार्गों से लेकर हर कोने पर गंदगी के ढेर लगे हैं। फिलहाल हड़ताल खत्म होने के आसार भी नजर नहीं आ रहे। ऐसे में तय है कि लोगों को दिवाली गंदगी के बीच ही मनानी पड़ेगी।


कई स्थानों पर नाले हो गए चोक, सड़कों पर भरा पानी

सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहर में कई स्थानों पर नाले भी चोक हो गए हैं। बिना बारिश के ही इन इलाकों में जलभराव हो रहा है। शहर में बिरुआवाड़ी मंदिर के पास कई दिन से जलभराव बना हुआ है। नई सराय पुलिस चौकी के आस-पास तीन सड़कों पर पानी भरा होने के साथ सड़कों के दोनों ओर व्यापक कीचड़ है। शहर के प्रमुख तोताराम मार्केट में सड़क के दोनों ओर पटरियों पर कीचड़ के साथ जलभराव से दुकानदारों के साथ स्थानीय लोगों को भी समस्या हो रही है।

लोगों ने कहा-इससे बुरा हाल कभी नहीं देखा


सफाई कर्मचारियों की हड़ताल है। सामान्य दिनों में भी शहर की दुर्दशा रहती है। यह शर्म की बात है कि नगर विकास राज्यमंत्री के शहर में दिवाली पर यह हालात हैं।

पुनीत


नगर विकास राज्यमंत्री और चेयरमैन के बीच तनातनी की चर्चाएं तो पहले होती रहती थीं, लेकिन उन पर भरोसा नहीं होता था। अब इन चर्चाओं को बल मिल गया है।

सुनील

दिवाली पर शहर का इससे बुरा हाल कभी नहीं रहा। शहर का कोई कोना ऐसा नहीं है जहां गंदगी के ढेर न लगे हों। यह नगर पालिका की लापरवाही का नतीजा है।

अश्वनी


सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को कई दिन हो चुके हैं। नगर पालिका चेयरमैन और नगर विकास राज्यमंत्री ने प्रयास किया होता तो दिवाली पर यह हाल न होता।

प्रदीप


एसडीएम से वार्ता भी विफल

बदायूं। उत्तर प्रदेशीय सफाई मजदूर संघ के बैनर तले सफाई कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन पालिका परिसर में चल रहा है। कर्मचारियों का आरोप है कि नगर पालिका इस तरफ ध्यान नहीं दे रही। मंगलवार को धरने को संबोधित करते हुए सेवानिवृत्त सफाई कर्मचारी प्रताप भोले ने कहा कि जब तक उन लोगों की मांग पूरी नहीं हो जाती है, तब धरना जारी रहेगा। मंगलवार को सफाई कर्मचारियों से एसडीएम सदर/ ईओ ने बात की, पर किसी भी बात पर सहमति नहीं बन सकी।


सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर मैंने डीएम से बात की है। एसडीएम सदर को हड़ताली कर्मचारियों से वार्ता कर समस्या के निस्तारण के लिए कहा गया है। सफाई कर्मचारियों से बात की जा रही है। जल्द कोई रास्ता निकलेगा। प्रशासन का कहना है कि अगर सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म नहीं की तो उनके खिलाफ कार्रवाई का विकल्प भी खुला है।

महेश गुप्ता, नगर विकास राज्यमंत्री


सफाई कर्मचारियों के साथ वार्ता की है, उनको इस माह के वेतन के साथ में बोनस की पचास फीसदी धनराशि नकद देने की बात हुई लेकिन इस पर वे सहमत नहीं हैं। ऐसे में फिलहाल धरना जारी है। पालिका के अन्य संसाधनों से कूड़ा निस्तारण का प्रयास कर रहे हैं।

सुखलाल प्रसाद वर्मा, एसडीएम सदर/ प्रभारी ईओ