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ओवरलोडिंग के कारण सप्लाई चालू रखने को पैनल और रिले सिस्टम में लगाने पड़ रहे डंडे


यूपी बदायूं। तापमान में इजाफा होने के साथ बिजली की मांग भी बढ़ रही है। ऐसे में ओवरलोडिंग के कारण आवास विकास कार्यशाला बिजली उपकेंद्र से जुड़े कई प्रमुख इलाकों में बिजली कटौती शुरू हो गई है। बार-बार ट्रिपिंग रोकने के लिए उपकेंद्र के रिले सिस्टम में जुगाड़ की गई है। ओवरलोडिंग से रिले को ट्रिप होने से रोकने के लिए लाठी-डंडों का सहारा लेना पड़ रहा है। यह समस्या उपकेंद्र की क्षमता वृद्धि और रिले सिस्टम अपटेड न होने से हो रही है।


आवास विकास कार्यशाला स्थित 33/11 केवीए के उपकेंद्र से तीन फीडर निकलते हैं। जजी, ऑफीसर्स कॉलोनी, बाबा कॉलोनी, इंदिरा नगर, मंडी समिति, राजनगर, गन्ना दफ्तर, न्यू कृष्णा नगर, बालाजी नगर, बीआईएमटी, महर्षि स्कूल आदि इलाकों में बिजली सप्लाई होती है। उपकेंद्र की क्षमता पांच से बढ़ा कर 10 एमवीए की जानी है। जो अब तक नहीं हो सकी है।


यही नहीं 33/11 बिजली उपकेंद्र का रिले सिस्टम और यहां के पैनल भी काफी पुराने हो चुके हैं। ऐसे में ओवरलोडिंग होने की दशा में रिले ट्रिप कर रही है। लगातार तापमान में इजाफा होने के साथ बिजली की मांग बढ़ रही है और पॉश इलाकों में बिजली संकट गहराने लगा है। आने वाले दिनों में कार्यशाला उपकेंद्र से जुड़े इलाकों को ज्यादा बिजली कटौती का सामना करना पड़ेगा।

लगातार हो रही ट्रिपिंग को रोकने के लिए उपकेंद्र के पैनल में जुगाड़ किया गया है। लोड बढ़ने पर रिले ट्रिप न हो इसके लिए यहां रिले में डंडा बांध दिया गया है।

एसडीई नीरज गोवाड़ी का कहना है कि क्षमता वृद्धि के साथ रिले और पैनल अपडेट करने के संबंध में उच्च अधिकारियों को संबंधित अवर अभियंताओं की ओर से लिखा गया है।

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चार नए उपकेंद्र, 33 केवीए की नई लाइन का काम शुरू नहीं

शहर की जरूरत को देखते हुए चार नए बिजली उपकेंद्रों के निर्माण का काम प्रस्तावित है। इनके लिए अब तक भूमि तक नहीं मिल सकी है। इसके अलावा 33 केवीए की नई बिजली लाइन डालने का काम भी चालू नहीं हो सका है। अब तक एक ही लाइन होने के कारण इसमें खराबी आने पर पूरे शहर की बिजली सप्लाई ठप हो जाती है।

शहर में बिजली सप्लाई मीराजी चौकी, ढाक वाली ज्यारत, नवादा , कचहरी, कोतवाली, आवास विकास कार्यशाला और पनबड़िया उपकेंद्रों से होती है। सबसे ज्यादा फीडर का उपकेंद्र मीरा जी चौकी है। इन सभी उपकेंद्रों पर अतिरिक्त लोड है। ज्यादातर उपकेंद्रों में सीमित स्थान होने के कारण अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगा कर क्षमता वृद्धि के लिए जगह भी नहीं है। ऐसे में चार नए उपकेंद्रों का निर्माण और 33 केवीए की नई लाइन का काम प्रस्तावित है।

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शहर में चार नए उपकेंद्रों और कार्यशाला उपकेंद्र की क्षमता वृद्धि प्रस्तावित है। इस दिशा में काम चल रहा है। कुछ उपकेंद्रों पर ओवरलोडिंग की समस्या आ रही है। लगातार बिजली सप्लाई के लिए सभी संभव प्रयास किए जा रहे हैं। लोगों को समस्या न हो इसके लिए व्यवस्था की जा रही है।

-प्रवेश कुमार, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड प्रथम

उपभोक्ता बोले-अभी से यह हाल तो गर्मी बढ़ने पर क्या होगी स्थिति

गर्मी बढ़ने के साथ बिजली कटौती होने लगी है। रात में कई बार ट्रिपिंग हो रही है। दिन में भी कई बार कटौती होती है। कारण जानने को फोन करने पर अधिकारी कॉल रिसीव नहीं करते।

-अनमोल

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ट्रिपिंग की समस्या अभी से परेशान करने लगी है। कार्यशाला उपकेंद्र से जुड़े इलाकों में ज्यादा समस्या है। लगातार ट्रिपिंग के कारण पेयजल सप्लाई भी प्रभावित होती है।

-अमित

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दोपहर के समय ज्यादा समस्या होती है। उपकेंद्र से जुड़े मोहल्लों में अलग-अलग समय पर कटौती की जा रही है। कारण पूछने पर ओवरलोडिंग बता कर पल्ला झाड़ा जा रहा है।

-प्रदीप

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अभी अप्रैल शुरू हुआ है। जब अप्रैल के पहले सप्ताह में ही ओवरलोडिंग के नाम पर कटौती शुरू कर दी गई है तो मई-जून में भीषण गर्मी के दौरान हालात क्या होंगे इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

-रजनी शर्मा