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खबर बदायूं सपा जीतेगी या भाजपा... शर्त पर लगा दिया चार बीघा खेत, पढ़ें- समझौते का पत्र


यूपी बदायूं। विधानसभा चुनाव में किसकी सरकार बनेगी या प्रत्याशी जीतेगा, इस पर सट्टा लगाने की तमाम खबरें आ रहीं हैं लेकिन ककराला इलाके में एक ऐसा मामला सामने आया है जहां दो किसानों में पंचायत के दौरान सपा और भाजपा सरकार बनने पर बहस हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि उन्होंने अपना-अपना चार बीघा खेत शर्त पर लगा दिया। एक के मुताबिक सरकार बनेगी तो वह दूसरे व्यक्ति के चार बीघा खेत में एक साल तक फसल करेगा। बाकायदा इसका पत्र भी वायरल हो रहा है।


मामला शेखूपुर विधानसभा क्षेत्र के गांव विरियाडांडी का है। छह मार्च को गांव के लोग चौपाल पर बैठे थे। उनके बीच किसकी सरकार बनेगी, इस पर तगड़ी बहस चल रही थी। कोई कह रहा था कि इस बार सपा सरकार बनेगी तो कोई भाजपा सरकार बनने पर जोर दे रहा था। इसी दौरान चौपाल पर मौजूद शेर अली ने कहा कि इस बार सपा सरकार बनेगी। उनकी बात काटते हुए विजय सिंह ने कहा कि चाहे कोई शर्त लगा ले भाजपा सरकार ही बनेगी। इसी दौरान दोनों के बीच चार-चार बीघा खेत की शर्त लग गई।


दोनों पक्षों ने कहा कि अगर उनके मुताबिक सरकार बनी तो वह दूसरे के चार बीघा खेत में एक साल तक अपनी फसल करेंगे। फसल से शर्त हारने वाले का कोई लेना देना नहीं होगा। चूंकि पंचायत में तमाम और ग्रामीण मौजूद थे। इसलिए लोगों ने मौखिक शर्त लगाना मंजूर नहीं किया। एक व्यक्ति कागज और पेन ले आया। दोनों के बीच लिखित में शर्त लिखी गई। उस कागज पर गांव के तमाम लोगों ने हस्ताक्षर किए और किसी ने अंगूठा भी लगाया। अब ये शर्त लिखा पत्र जिले भर में वायरल हो रहा है।


शेर अली बोले- चार लोगों के बीच बैठे थे, इसलिए माननी पड़ी शर्त

विरिया डांडी गांव निवासी शेर अली अलबसी एग्रो एग्रो प्रोड्यूसर कंपनी के डायरेक्टर हैं और किसान मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि ये शर्त लगी है। उस दिन वह चार लोगों के बीच बैठे थे। बात छिड़ी तो शर्त लग गई। वैसे वह और विजय सिंह एक ही गांव के लोग हैं। आपस में भाई जैसे संबंध हैं।


शर्त नहीं वादा था, न टूटे इसलिए कागज पर लिखा गया

विरियाडांडी गांव के विजय सिंह ने बताया कि हम लोग छह मार्च को गांव की चौपाल पर बैठे। तभी सरकार बनने की बहस हुई थी। हमने वादा किया था कि अगर सपा सरकार बनेगी तो शेर अली हमारे चार बीघा खेत में फसल करेंगे। अगर भाजपा सरकार बनी तो हम शेर अली के खेत में फसल करेंगे। ये वादा न टूटे इसलिए लिखित में शर्त हुई। हमें विश्वास है कि भाजपा सरकार ही बनेगी।