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शुरू हुआ कोविड-19 वैक्सीनेशन का ड्राई रन बदायूं में डरते हुए कोरोना वैक्सीन का दिया ट्रायल


यूपी बदायूं। बरेली, शाहजहांपुर, बदायूं, पीलीभीत और खीरी में मंगलवार को कोविड-19 वैक्सीनेशन की मॉक ड्रिल शुरू हुई। बरेली में सुबह सीएमओ ने वैक्सीन वेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। वैक्सीन सभी सेंटरों को सप्लाई करने के बाद वैक्सीनेशन की मॉक ड्रिल शुरू हुई। इस दौरान कई जगह खामियां भी मिली। कई कर्मचारियों में वैक्सीनेशन के माइक्रोप्लान की जानकारी नहीं होने की वजह से दिक्कतों का सामना भी करना पड़ा। उधर, खीरी में वैक्सीन लगने के बाद तबियत बिगड़ने की भी मॉक ड्रिल की गई। वहां एक नर्स को चक्कर आने के बाद उसका इलाज किया गया।


बरेली के सीएमओ डॉ. एसके गर्ग ने बताया कि जिला महिला अस्पताल, राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज, रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज, एसआरएमएस, रामनगर पीएचसी और खुश्लोक अस्पताल में कोविड-19 वैक्सिनेशन के पहले मॉक ड्रिल की गई। सभी सेंटरों पर करीब 10:30 बजे से माक ड्रिल आरंभ हुई। वैक्सीनेशन के लिए तीन कमरे बनाए गए थे। सबसे पहले प्रवेश गेट पर लाभार्थियों का पहचान पत्र देख कर उनको वेटिंग रूम में बैठाया गया। उसके बाद उनका वैक्सीनेशन रूम में सत्यापन हुआ। वैक्सिंन लगाने के बाद उनको वेरिफिकेशन कार्ड दिया गया और उसके बाद सभी को ऑब्जर्वेशन रूम में बैठाया गया। सीएमओ ने बताया कि माक ड्रिल का उद्देश्य माइक्रोप्लान समझाना और कमियों को जानना था। कई सेंटरों पर कुछ खामियां मिली है जिन्हें दूर करने के लिए माइक्रोप्लान की जानकारी दोबारा शिविर के जरिए दी जाएगी।


बदायूं : डरते हुए कोरोना वैक्सीन का दिया ट्रायल

बदायूं के जिला महिला अस्पताल में नोडल अफसर के न पहुंचने पर ट्रायन 11 बजे के बाद शुरू हुआ। शहर में तीन स्थानों पर जिला पुरुष अस्पताल, जिला महिला अस्पताल व मेडिकल कालेज में वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है।ग्रामीण इलाके उझानी व सैदपुर सीएचपी व म्याऊं पीएचसी पर ट्रायल शुरू हुआ। म्याऊं पीएचसी पर पहला टीका लगाने को कर्मचारी डर दिखा। उनका डर दूर करने को सबसे पहले एसीएमओ ने ट्रायल के रूप में वैक्सीन लगवायी।


खीरी : टीका लगते ही मरीज को आई उल्टियां, हुआ बेहोश

लखीमपुर-खीरी में कोरोना टीकाकरण के दौरान एक कर्मचारी को वैक्सीन का डोज दिया गया तो कुछ देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसको चक्कर आने लगा। उल्टियां हुई और वह बेहोशी की हालत में पहुंच गया। यह सब देखकर डॉक्टरों ने उसे स्ट्रेचर से कंट्रोल पहुंचाया और वहां उसका इलाज शुरू हुआ। बेहजम सीएससी में यह नजारा मॉक ड्रिल के दौरान सामने आया, जहां पर वैक्सीन के साइड इफेक्ट का भी मॉक ड्रिल किया गया। जिले भर में छह केंद्रों पर मॉक ड्रिल किया गया। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने ट्रायल का उद्घाटन किया।



ऐसे चल रहा ड्राई रन

वेटिंग रूम - वैक्सीनेशन का पहला स्पेशल रूम। यहां पहले से तय स्वास्थ्यकर्मियों को बैठाया गया। उनके नाम-पते दर्ज किए गए। वैक्सीन लगने से कम से कम 30 मिनट पहले यहां लाभार्थी को आना है।

वैक्सीन रूम - दूसरा स्पेशल कमरा होगा वैक्सीन रूम। यहां लाभार्थी का सत्यापन किया जा रहा है। उसके मोबाइल नंबर पर आए वन टाइम पासवर्ड के जरिये आनलाइन वेेरिफिकेशन के बाद वैक्सीन लगाई जा रही है।

रिस्पांस रूम - वैक्सीन लगने के बाद लाभार्थी को रिस्पांस रूम में करीब 30 मिनट तक बैठया जा रहा है। यहां सविशेषज्ञ डाक्टरों की टीम वैक्सीन लगने के बाद लाभार्थी की सेहत पर नजर रख रही है। उसका बीपी चेक करने के साथ ही कोई रिएक्शन नजर आता है तो तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराया जाएगा।


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