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  • Mohd Zubair Qadri

जिला महिला अस्पताल से मरीज निजी नर्सिंग होम ले जाने का खेल फिर शुरू, आपस में भिड़े स्टाफ व आशा


बदायूं। जिला महिला अस्पताल से मरीज निजी नर्सिंग होम ले जाने का खेल फिर शुरू हो गया है। यह मामला शुक्रवार रात को बिल्सी से एक गर्भवती को जिला महिला अस्पताल रेफर किया गया। उस महिला के साथ आशा और महिला अस्पताल के स्टाफ में उसको अपनी पहचान के निजी निजी नर्सिग होम में भेजने को लेकर पहले नोकझोंक हुई। फिर दोनों पक्षों में मारपीट हुई।


बिल्सी से एक गर्भवती महिला को लेकर आशा कार्यकर्ता जिला महिला अस्पताल पहुंची। बताते हैं कि आशा कार्यकर्ता ने गर्भवती महिला के स्वजन से कहा कि जिला महिला अस्पताल में व्यवस्थाएं बेहतर नहीं हैं इसलिए उसको प्राइवेट नर्सिंग होम में ले चल रहे हैं। इसी बीच जिला महिला अस्पताल में तैनात एक महिला कर्मी ने कहा कि अलापुर रोड स्थित एक निजी नर्सिंग होम में ले जाएं। वह फोन करके बता देगी कि उनका मरीज है। पैसे भी कम जाएंगे। इस पर आशा कार्यकर्ता व स्टाफ में कहासुनी के बाद मारपीट हो गई। यह देखकर गर्भवती के तीमारदारों में अफरा-तफरी मची। कुछ लोगों ने यूपी 112 पीआरवी को फोन किया। लेकिन, तब तक दोनों पक्ष वहां से चले गए।


जिला महिला अस्पताल में आए दिन ऐसे विवाद सामने आते हैं। फिलहाल इस मामले की कोई शिकायत पुलिस तक नहीं पहुंची है। फिर भी जांच कराकर कार्रवाई करेंगे।


विनय कुमार द्विवेदी, सीओ सिटी इंसेट ::


34 आशा कार्यकर्ता हो चुकी हैं बर्खास्त


बदायूं : बीते दिनों खेड़ा नवादा में बिसौली रोड स्थित आयशा नर्सिंग होम में गिफ्ट वितरण में आशा वर्कर मौजूद थीं। इसकी सूचना पर तत्कालीन डीएम कुमार प्रशांत ने नर्सिंग होम पर छापा पड़वाया। छापेमारी में 34 आशा वर्कर वहां गिफ्ट के साथ पकड़ी गई। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया तो सभी को बर्खास्त भी किया गया था।

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