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पैगंबर मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की विलादत पर सजी मस्जिदें और घर


यूपी बदायूं। रबी-उल-अव्वल शरीफ इस्लाम में सबसे ख़ास माना जाता है रबी-उल-अव्वल का चाँद दिखते ही लोगों में ख़ुशी सी दौड़ जाती है। हर वर्ष विश्व भर में पैगंबर मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की विलादत मनाई जाती है। जिले में हालांकि इस बार कोरोना महामारी के चलते एक ओर सतर्कता भी बरती गई तो वही लोग अपने अपने घरों में चरागा व सजावट कर रहे है। लोगों ने प्यारे नवी की आमद को लेकर अपने घर, मकानों व दुकानों में रोशनी की। वहीं मस्जिदों को दुल्हन की तरह सजाया गया और लंगर तस्कीम किया गया।


माहे रबी-उल-अव्वल शरीफ पर कोविड-19 के कारण जलसों का आयोजन नहीं किया गया। घरों में ही प्यारे नवी के नाम की महफिल सजाई गई। अंजुमन रजा-ए- मुस्तफा के सदर जाहिद हुसैन के आवास पर एक मह़िफल आयोजित की गई। प्यारे नवी की सीरत बयां करते हुए हाफिज अकरम नूरी ने कहा प्यारे नवी सारी कायनात के लिए रहमत बनकर दुनिया में आए। जाहिद हुसैन ने कहा यह महीना प्यारे नवी की आमद का महीना है, हमें गरीबों की मदद करनी चाहिए और बेटी की पैदाइश पर खुशी मनाना चाहिए। जिस घर में बेटी पैदा होती है अल्लाह उस घर में रहमत अता फरमाता है। प्यारे नवी ने हमे अमन व शांति का पैगाम दिया है। अपने वतन से मुहब्बत करो प्रशासन के निर्देश का पालन करें। घरों में ही रहकर प्यारे नवी की आमद की खुशी मनाये सलातो सलाम के बाद अमन व शांति के साथ कोरोना वायरस के खात्मे की दुआ की गई। इससे पूरी दुनिया को कोरोना वायरस के कहर से मुक्ति मिल सके।