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चुनाव के दौरान पीठासीन अधिकारी की मौत देररात तक शव सीएचसी पर रखा रहा


यूपी बदायूं। उझानी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराने के बाद शौचालय में शौच को गये पीठासीन अधिकारी की मौत हो गयी। पीठासीन अधिकारी की मौत हार्टअटैक से बताई जा रही है। पीठासीन अधिकारी की मौत के बाद देररात तक शव सीएचसी पर रखा रहा। इसी बीच परिवार के सदस्यों को एटा में जानकारी दे दी गई है। यहां पीठोसन की मौत कोरोना से होने की खबर से साथ आये अधिकारी शव छोड़कर चलते बने, वहीं उझानी सीएचसी में मौजूद लोग भी निकल गये। देर रात डाक्टर ने मौत हार्टअटैक से बतायी।


बदायूं में उझानी ब्लाक के गांव झब्बू नगला में मतदान के बाद पीठासी सिंह अधिकारी सत्येंद्र पाल सिंह 55 वर्ष की अचानक से मौत हो गई। सोमवार की सुबह से उन्होंने अच्छी तरह से चुनाव मतदान कराया। तहसीलदार कर्मवीर सिंह के अनुसार दोपहर में कर्मचारियों ने बताया हल्का बुखार आ रहा है, जिस पर पीठासीन अधिकारी से आराम करने को कहा था लेकिन वह नहीं माने और बोले मतदान कार्य संपन्न करे दें, घर जाकर आराम करेंगे। उन्होंने शाम को मतदान कार्य संपन्न कराया इसके बाद विद्यालय के पीछे शौचालय में गये। जहां उनकी मौत हो गई। काफी देर तक जब वे नहीं आये तो कर्मचारियों ने जाकर देखा वे शौचालय में गिरे पड़े थे। उन्हें आननफानन में एंबुलेंस बुलाकर सीएचसी लाया गया। जहां डाक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।


पीठासीन अधिकारी सत्येंद्र पाल सिंह बदायूं के रामनारायण वैदिक इंटर कालेज में सहायक अध्थापक थे। वह शहर के जवाहरपुरी कालोनी में पुत्री के साथ रहते थे। सत्येंद्र पाल सिंह लंबे समय से विद्यालय में सहायक अध्यापक थे। उन्हें कई दिनों से बुखार चल रहा था, लेकिन कोरोना की जांच नहीं कराई थी।


सीएचसी हुयी खाली, निकले अफसर


शव लेकर आये अफसरों को उनकी मौत कोरोना से होने की जानकारी मिली तो वे शव को छोड़कर निकल गये। जैसे ही सीएचसी में यह बात फैली तो यहां मौजूद लोग भी वहां से निकल गये। देर रात पहुंचे परिजनों को जब कोरोना से मौत की जानकारी मिली तो वे भी सीएचीस से निकलकर उझानी कोतवाली पहुंचे। इसके बाद जब मौत की असल वजह पता चली तो लोगों ने राहत की सांस ली।