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यूपी, नए मतदान केन्द्रों पर क्या-क्या हैं सुविधाएं, चुनाव आयोग ने अफसरों से मांगी रिपोर्ट


यूपी। विधानसभा चुनाव के लिए प्रति पोलिंग बूथ 1500 के बजाए 1200 वोटर का मानक तय किये जाने के बाद राज्य में बढ़े पोलिंग बूथों की वजह से नये मतदान केन्द्रों की संख्या भी बढ़ी है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में जिलों से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर बढ़े पोलिंग बूथों और नए मतदान केन्द्रों संबंधित आंकड़े संकलित किए जा रहे हैं। इसी के साथ सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों से यह रिपोर्ट भी मांगी जा रही है कि उनके जिलों में जितने नये मतदान केन्द्र बने हैं वहां पेयजल, बिजली, रैम्प, शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं हैं या नहीं।


ज्यादातर यह नये मतदान केन्द्र शिक्षण संस्थानों व सामुदायिक केन्द्रों में ही बनाये गये हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को यह भी निर्देश जारी किये गये हैं कि जिन मतदान केन्द्रों पर उपरोक्त बुनियादी सुविधाएं अगर उपलब्ध नहीं हैं तो उनकी व्यवस्था समय रहते करवा ली जाए। प्रदेश के अपर निर्वाचन आयुक्त डा.ब्रम्हदेव राम तिवारी ने बताया कि मतदाता जागरूकता के लिए कलाकारों, संस्कृति कर्मियों का भी सहयोग लिया जाएगा। दिव्यांगजनों, युवाओं और महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा वोटर लिस्ट में शामिल करने और उन्हें मतदान के लिए प्रेरित करने के बाबत जिंगल, गीत बनाए जाएंगे।


चुनाव ड्यूटी से पहले अफसरों और कर्मचारियों को देना होगा घोषण पत्र, जानें वजह

प्रदेश में होने जा रहे विधान सभा चुनाव में ड्यूटी करने वाले सभी अफसरों व कार्मिकों को एक घोषणा पत्र भरना होगा। चुनाव के दौरान नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के दो पहले दाखिल किये जाने वाले इस घोषणा पत्र में इन अफसरों व कार्मिकों को अपनी तरफ से यह घोषित करना पड़ेगा कि उनका मौजूदा चुनाव में खड़े किसी उम्मीदवार से किसी भी तरह का कोई निकट संबंध नहीं है। न ही राज्य या जिला स्तर पर किसी राजनीतिक दल से वह ताअल्लुक रखते हैं। यही नहीं इस घोषणा पत्र में उन्हें यह भी लिखना पड़ेगा कि उनके खिलाफ कोई आपराधिक मुकदमा नहीं चल रहा है। यह निर्देश केन्द्रीय चुनाव आयोग ने जारी किये हैं। इन निर्देशों के अनुसार इनमें से अगर कोई भी जानकारी गलत पायी गयी तो सम्बंधित अफसर या कार्मिक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।