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यूपी सरकार ने जारी की नई गाइडलाइन, अभी नहीं लगेगा वीकेंड लॉकडाउन CM को लगा टीका


यूपी। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार सुबह लखनऊ के सिविल अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने कोरोना की वैक्सीन लगवाई। स्टॉफ नर्स रश्मि सिंह CM को वैक्सीन की पहली डोज लगाई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने देशवासियों के लिए मुफ्त में कोरोना वैक्सीन उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। साथ ही उन सभी वैज्ञानिकों का अभिनंदन किया, जिनकी बदौलत समय से भारत में दो वैक्सीन लांच हो सकी।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ये वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और हम सभी को ये वैक्सीन लगाना चाहिए। लेकिन वैक्सीन लगने के बाद भी लोगों को गाइडलाइन का पालन करना चाहिए। दोबारा संक्रमण बढ़ने की वजह हमारी लापरवाही है। लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग करना बंद कर दिया है। इसलिए सावधानी बरतें।


4164 नए केस, 31 की मौत


उत्तर प्रदेश में बीते 24 घंटे में रविवार को कोरोना के 4,164 नए मरीज मिले। जबकि 31 लोगों की मौत हुई। इसके बाद प्रदेश में मृतकों की संख्या 8,881 पहुंच गई है। एक बार फिर लखनऊ में हजार आंकड़ा पार करते हुए 1129 केस मिले हैं। मौजूदा समय में प्रदेश में एक्टिव केस 19,738 है। 863 मरीजों को प्रदेश में ठीक होने के बाद डिस्चार्ज किया गया। वाराणसी में 453, प्रयागराज में 397, कानपुर नगर में 235, गोरखपुर में 121, बरेली में 70, मथुरा में 68, बाराबंकी में 50, मुजफ्फरनगर में 51 केस सामने आए हैं। फिलहाल रविवार तक 3,02‚510 व्यक्तियों का कोविड टीकाकरण किया गया।


वहीं, उत्तर प्रदेश में बढ़ते कोरोना के मरीजों के मामले को देखते हुए सरकार विशेष टीकाकरण अभियान 8 अप्रैल से शुरू करने जा रही है। उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं‚ फ्रंट लाइन वर्करों व 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के व्यक्तियों का टीकाकरण किया जा रहा है।


पत्रकारों को 8–9 व वकीलों को 20–21 अप्रैल को लगाये जाएंगे टीके


इसी माह में विशेष टीकाकरण कराने को लेकर मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर सभी CMO को सर्कुलर जारी किया गया है। इसके मुताबिक 45 या इसके अधिक आयु वर्ग के लिए 8 व 9 अप्रैल को पत्रकारों‚ मीडिया से जुड़े लोगों एवं खुदरा तथा बड़े, दुकानदारों का टीकाकरण होगा।

इसके साथ ही 10 अप्रैल को बैंक व बीमा कर्मियों‚ 12 से 14 अप्रैल के बीच स्कूल एवं कालेज के शिक्षकों‚ 15 व 16 अप्रैल को ऑटो रिक्शा‚ टैक्सी ड्राइवर‚ फेरी वाले व निर्माण में लगे कर्मचारियों का टीकाकरण होगा। इसी तरह 18 से 19 अप्रैल के बीच अन्य सरकारी अधिकारी‚ कर्मचारी को टीका लगाया जाएगा। इसमें फ्रंट लाइन वर्कर से इतर लोगों को रखा गया है।

इसके बाद 20 व 21 अप्रैल को नगर पालिका कर्मचारियों एवं वकीलों को कोविड़ से बचाव का टीका लगेगा और 22 व 23 अप्रैल को निजी कार्यालयों के कर्मचारियों के लिए टीकाकरण होगा। इस काम में समूह की यूनियन एवं प्रतिनिधियों से भी सहयोग लेने का आग्रह किया गया है।


योगी सरकार ने प्रदेश में कंटेनमेंट जोन का दायरा नए सिरे से तय कर दिया है। मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी की ओर से इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिया है। इसके मुताबिक एक केस होने पर 25 मीटर और एक से अधिक होने पर 50 मीटर को कंटेनमेंट जोन बनाया जाएगा। 25 मीटर के दायरे में 20 घर और 50 मीटर के दायरे में 60 घर होंगे। इसमें क्षेत्र के हिसाब से बदलाव हो सकता है। अधिकारियों का कहनाा है कि अभी प्रदेश में लॉकडाउन लगाने का कोई विचार नहीं है।


मुख्य सचिव की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि अंतिम पॉजिटिव केस के सैंपल कलेक्शन की तिथि से 14 दिन तक संबंधित क्षेत्र कंटेनमेंट जोन बना रहेगा। यदि अंतिम पॉजिटिव केस को सैंपल कलेक्शन की तिथि 14 दिनों तक कोई अन्य केस उस क्षेत्र में नहीं पाया जाता है तो ऐसे क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन की सूची से बाहर कर दिया जाएगा। जिला सर्विलांस अधिकारी रोजाना कोविड-19 केस की जानकारी जिला प्रतिरक्षण अधिकारी को देगा। कंटेनमेंट जोन के सर्वेक्षण के लिए आवासों की संख्या और टीम का निर्धारण किया जाएगा। कंटनमेंट जोन में स्थित घरों के लिए एक टीम लगाई जाएगी। एक क्षेत्र में एक से अधिक कोविड-19 पॉजिटिव केस होने पर कलस्टर मानते हुए इसके मध्य बिंदु को एपीसेंटर चिह्नित करते हुए 50 मीटर के दायरे को कंटेनमेंट जोन बनाया जाएगा। प्रत्येक कंटेनमेंट जोन में स्थित घरों को आच्छादित करने के लिए एक टीम लगाई जाएगी। प्रत्येक टीम अपने क्षेत्र के घरों का भ्रमण कर अपने कार्यों की रिपोर्ट निर्धारित प्रपत्र पर भरेगी। हर टीम में स्वास्थ्य कर्मी, निकाय कर्मी या ग्राम विकास पंचायती राज कर्मी और स्थानीय प्रशासन का एक-एक सदस्य होगा।


कोविड से बचाव की जानकारी देंगे

प्रत्येक टीम के सदस्य अपने क्षेत्र में घर-घर जाकर जनसामान्य को कोविड रोग से बचाव और लक्षणों के बारे में जानकारी देंगे। खांसी, जुखाम, बुखार, सांस लेने में परेशानी आदि के लक्षण वाले रोगियों को चिह्नित कर ऐसे रोगियों का नाम, पूरा पता, मोबाइल नंबर और लक्षणों का विवरण अपने प्रपत्र पर भरेंगे। प्रत्येक पांच टीम में एक सुपरवाइजर होगा। जो काम समाप्त होने पर सभी सूचनाओं को जिला सर्विलांस अधिकारी को उपलब्ध कराएगा। जिले की सूचना राज्य मुख्यालय को उपलब्ध कराई जाएगी।


अगर पूरे देश की बात करें तो कोरोना संक्रमण की दूसरी लहार डराने लगी है. 197 दिन बाद एक दिन में भारत में 93 हजार से अधिक केस सामने आए. जबकि संक्रमण से 513 लोगों की मौत हो गई. इससे साल 18 सितंबर को एक दिन में 93 हजार मामले सामने आए थे. लगातार बढ़ रहे संक्रमण के बीच केंद्र सरकार ने भी टीकाकरण में तेजी लाने और सतर्कता बरतने की अपील की है।