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आजम से मिलने सीतापुर जेल पहुंचे अखिलेश यादव, बेटे की विधानसभा सदस्यता खत्म


यूपी। सांसद आजम खां से मिलने अखिलेश यादव सीतापुर कारागार पहुंच गए हैं। दोपहर ठीक एक बचकर 55 मिनट पर यह जेल के भीतर दाखिल हुए। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ पूर्व मंत्री रामपाल राजवंशी, पूर्व विधायक राधेश्याम जयसवाल, पूर्व विधायक अनूप गुप्ता सहित कई अन्य भी जेल के भीतर गए हैं। कारागर प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद ही सभी का मिलना हुआ है। तेल के बाहर पुलिस और पीएसी तैनात है।

आपको बता दें कि रामपुर सांसद आजम खां को पत्नी और पुत्र के साथ रामपुर जेल से प्रशासनिक व्यवस्था के आधार पर सीतापुर जेल स्थानांतरित किया गया। गुरुवार सुबह रामपुर पुलिस ने तीनों को सीतापुर जेल में दाखिल कराया हैं। सांसद आजम और इनके पुत्र विधायक अब्दुल्ला आजम खान जेल की विशेष सुरक्षा बैरिक में रखे गए हैं। पत्नी विधायक तंजीन फातिमा महिला वार्ड में हैं।


मुलाकात के बाद सीतापुर जेल के बाहर अखिलेश यादव ने कहा कि आजम खान को न्यायालय से इंसाफ मिलेगा. ये राजनीतिक षड्यंत्र है, जिसके तहत आजम खान को जेल में रहना पड़ रहा है. अखिलेश ने कहा कि बदले की भावना से कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।


वहीं दिल्ली हिंसा पर अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार दिल्ली के दंगे नहीं रोक पाई. भारतीय जनता पार्टी समाज को बांटकर राजनीति करती है. सीएम योगी पर हमला करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सदन में मुख्यमंत्री की भाषा को मर्यादित नहीं कहा जा सकता।


विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप दुबे द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक हाईकोर्ट के आदेश पर किसी तरह के स्थगनादेश की सूचना नहीं आई है। ऐसे में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तह अब्दुल्ला आजम खान का निर्वाचन 16 दिसंबर 2019 से विधि शून्य माना जाएगा। इस तरह सीट रिक्त है।


दरअसल, 2017 में नामांकन के समय अब्दुल्ला आजम की उम्र 25 साल नहीं थी। लेकिन उन्होंने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र का इस्तेमाल कर चुनाव लड़ा था और जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। अब्दुल्ला आजम के निर्वाचन के खिलाफ बहुजन समाज पार्टी के नेता नवाब काजिम अली खान ने याचिका दी थी। उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पाया कि अब्दुल्ला उस समय चुनाव लड़ने के पात्र नहीं थे। हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अब्दुल्ला आजम सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचे लेकिन वहां से भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी।