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बदायूं में भाजपा से वागीश पाठक और सपा ने सिनोद शाक्य को बनाया एमएलसी प्रत्याशी


यूपी बदायूं। भाजपा के बाद सपा ने भी एमएलसी पद पर पत्ते खोल लिए हैं। सपा ने पूर्व विधायक सिनोद शाक्य को प्रत्याशी बनाया है। एमएलसी पद के लिए नामांकन प्रक्रिया खत्म होने से एक दिन पहले सपा ने सिनोद के नाम का एलान किया। सिनोद शाक्य के मैदान में आने के बाद भाजपा प्रत्याशी वागीश पाठक के निर्विरोध निर्वाचन के मंसूबों पर पानी फिर गया है।


एमएलसी पद के लिए सोमवार को नामांकन का अंतिम दिन है। 22 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच होगी। 24 मार्च को नाम वापसी और नौ अप्रैल को मतदान होना है। भाजपा ने शनिवार को वागीश पाठक के नाम का एलान किया था। इसके बाद रविवार को सपा ने सिनोद शाक्य के नाम की घोषणा कर दी। सिनोद शाक्य 2007 और 2012 में बसपा के टिकट पर दातागंज विधनसभा से विधायक चुने गए थे। 2017 में वह भाजपा के राजीव कुमार सिंह से हार गए। उनकी पत्नी सुनीता शाक्य भी बसपा के टिकट पर 2014 में आंवला लोकसभा सीट से चुनाव लड़ चुकी हैं।


लंबे समय तक राजनीतिक अज्ञातवास में रहने के बाद सिनोद शाक्य पिछले वर्ष पंचायत चुनाव से पहले बसपा छोड़ सपा में शामिल हो गए थे।

पंचायत चुनाव में सपा ने जिपं अध्यक्ष पद पर सिनोद शाक्य की पत्नी सुनीता शाक्य को लड़ाया। सुनीता शाक्य ने भाजपा की वर्षा यादव को कड़ी टक्कर भी दी, लेकिन वह चुनाव जीत नहीं सकीं। दातागंज और बिल्सी विधानसभा सीट से 2022 के विधानसभा चुनाव में सिनोद शाक्य को दावेदार के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन उनको टिकट नहीं मिल सका। पिछले दिनों बदायूं आए सपा मुखिया अखिलेश यादव ने मंच से घोषणा की थी कि वह मौका मिलने पर सिनोद का कद बढ़ाएंगे। अब सपा ने एमएलसी पद पर सिनोद शाक्य को मैदान में उतारा है।

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एमएलसी सीट पर कभी नहीं जीती भाजपा, सपा का रहा है दबदबा

सपा के सामने सीट बचाने, भाजपा के सामने पहली बार जीतने की चुनौती

संवाद न्यूज एजेंसी

बदायूं। बदायूं विधान परिषद सीट पर लंबे समय सपा के बनवारी सिंह यादव का कब्जा रहा है। एक बार बसपा प्रत्याशी के रूप में जितेंद्र यादव यहां से एमएलसी चुने गए। 2016 के चुनाव में बनवारी सिंह ने जितेंद्र यादव को हराकर फिर से सीट पर कब्जा कर लिया। जितेंद्र यादव ने चुनाव में धांधली संबंधी आरोप लगाते हुए बनवारी सिंह यादव के निर्वाचन को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

बनवारी सिंह यादव का निधन मार्च 2017 में हो गया था। उनके निधन के बाद मामला कोर्ट में होने के कारण इस सीट पर उप चुनाव भी नहीं हो सका था। ऐसे में पांच साल से बदायूं सीट रिक्त चल रही थी। इस बार चुनाव भाजपा और सपा दोनों के लिए चुनौती भरा होगा। जहां सपा के सामने सीट बचाए रखने की चुनौती होगी वहीं भाजपा के सामने पहली बार बदायूं विधान परिषद सीट पर कब्जा करने की चुनौती होगी। हालांकि, मौजूदा समय में भाजपा समर्थित मतदाताओं की संख्या ज्यादा है। एमएलसी चुनाव में 2695 मतदाता मतदान करेंगे। इनमें सांसद, विधायक, जिला पंचायत सदस्य, नगर पालिका, नगर पंचायत अध्यक्ष, सभासद, ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य मतदान करेंगे।

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आज ही पर्चा जमा करेंगे दोनों प्रत्याशी

21 मार्च ही नामांकन खरीदने व नामांकन दाखिल करने का अंतिम दिन है। भाजपा प्रत्याशी वागीश पाठक दोपहर बारह बजे पर्चा जमा कराने कलक्ट्रेट जाएंगे। सिनोद के जाने का समय देर शाम तक तय नहीं हो सका था।

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सपा ने एमएलसी पद के लिए सिनोद शाक्य को प्रत्याशी बनाया है। पार्टी एकजुटता के साथ सिनोद शाक्य को लड़ाएगी और चुनाव जिताकर विधान परिषद भेजने का काम करेगी। सपा मजबूत स्थिति में है। प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग कर भाजपा जीतना चाहती है, लेकिन ऐसा नहीं होने दिया जाएगा।

-प्रेमपाल सिंह यादव, सपा जिलाध्यक्ष