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यूपी चुनाव 2022 बदायूं में 23.85 लाख मतदाता करेंगे छह विधायकों के भाग्य का फैसला


यूपी। आचार संहिता जारी होने के साथ ही जिले के मतदाता चुनावी मूड में आ गए हैं। जिले की छह विधानसभा सीटों पर चुनाव होना है। इसमें 23 लाख से ज्यादा मतदाता छह विधायकों का चुनाव करेंगे। जिले में 2731 मतदान केंद्रों पर वोट डाले जाएंगे। जनसंख्या के नए आंकड़ों व पुनरीक्षण के बाद संशोधित मतदाता सूची जारी हो चुकी है।


शनिवार को चुनाव आयोग ने यूपी में पांच चरणों में चुनाव कराने के निर्देश दिए है। इसके तहत दूसरे चरण में बदायूं में चुनाव होंगे। ऐसे में 14 फरवरी को बदायूं में छह विधायकों को चुनने के लिए मतदान होगा। इसके तहत जिले में कुल 23 लाख 85 हजार 897 मतदाता मतदान करेंगे। इसमें बिसौली विधानसभा में 225176 पुरुष और 195351 महिलाएं, सहसवान विधानसभा में 227675 पुरुष और 198159 महिलाएं, बिल्सी विधानसभा में 191722 पुरुष और 163072 महिलाएं, बदायूं विधानसभा में 200173 पुरुष और 175181 महिलाएं, शेखूपुर विधानसभा में 215417 पुरुष और 187276 महिलाएं, दातागंज विधानसभा में 221115 पुरुष और 185433 महिलाएं वोट करेंगी।


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जिले में 147 थर्ड जेंडर भी करेंगे मतदान

जिले में इस बार 147 थर्ड जेंडर भी मतदान करेंगे। इसमें बिसौली विधानसभा में सबसे ज्यादा 53, इसके बाद में दातागंज विधानसभा में 30, सहसवान विधानसभा में 22, बिल्सी विधानसभा में 18, बदायूं विधानसभा में 16, शेखूपुर विधानसभा में आठ थर्ड जेंडर मतदान करेंगे।

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पहली बार 45497 युवा भी करेंगे मतदान

जिले में बिसौली विधानसभा में 11918, सहसवान विधानसभा में 8027, बिल्सी विधानसभा में 5778, बदायूं विधानसभा में 5185, शेखूपुर विधानसभा में 6725, दातागंज विधान सभा में 7864 समेत कुल 45497 युवा मतदाता पहली बार मतदान करेंगे।

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80 साल से अधिक उम्र वाले घर से कर सकेंगे मतदान

बदायूं। चुनाव आयोग ने निर्देश दिए हैं कि 80 साल से अधिक उम्र के मतदाताओं के लिए पोस्टल बैलेट (डाक मतपत्र) की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। हालांकि यह सुविधा वैकल्पिक है। ऐसे में 80 साल से अधिक आयु के मतदाता अपनी इच्छा और सुविधानुसार मतदेय स्थल पर जाकर ईवीएम से भी मतदान कर सकते हैं।

जिले में 80 साल से अधिक आयु के 22147 बुजुर्ग मतदाता हैं। इनमें बिसौली विधानसभा में 3645, सहसवान विधानसभा में 4288, बिल्सी विधानसभा में 3209, बदायूं विधानसभा में 3407, शेखूपुर विधानसभा में 3273 और दातागंज विधानसभा में 4325 बुजुर्ग मतदाता हैं। संवाद

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कुल मतदाता : 2385897

पुरुष : 1281278

महिलाएं : 1104472

थर्ड जेंडर : 147

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डीएम, एसएसपी की बात

सख्ती से कराया जाएगा आचार संहिता का पालन

जिला निर्वाचन अधिकारी दीपा रंजन ने कहा कि जिले में चुनाव आचार संहिता का सख्ती से पालन कराया जाएगा। सभी ब्लॉक और तहसील स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया है। जिले में सभी स्थानों पर टीम सक्रिय होकर प्रचार सामग्री हटवाने का काम करेंगी। सभी पार्टियों व राजनैतिक दलों के साथ एक समान व्यवहार किया जाएगा।

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स्वतंत्र, निष्पक्ष रूप से कराया जाएगा चुनाव

एसएसपी डॉ. ओपी सिंह ने कहा कि चुनाव की घोषणा होते ही पुलिस टीम निकल चुकी हैं। नगर पालिका, पंचायतों की टीमों के साथ होर्डिंग्स, बैनर पोस्टर हटाने का कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आचार संहिता के निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन कराएंगे। जिले में पर्याप्त बैरियर, चेक पोस्ट आदि की व्यवस्था की जा रही है। चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष रूप से कराएंगे।

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जिलाध्यक्षों की बात

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चुनाव तिथियों की घोषणा का स्वागत करता हूं। प्रदेश की जनता डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों और विकास कार्यों के आधार पर भाजपा को फिर से प्रचंड बहुमत देगी। इस चुनाव में भाजपा जिले की सभी छह सीटों पर जीत दर्ज करेगी। भाजपा सरकार में कानून व्यवस्था, स्वास्थ्य, शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व काम हुए हैं। भाजपा को इस चुनाव में भी जनता का आशीर्वाद प्राप्त होगा।

राजीव गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष

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जनता अब भाजपा को सबक सिखाएगी। निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव के लिए सभी राजनीतिक दलों को एक समान नियम होना चाहिए। अधिकारियों के व्यवहार में कोई पक्षपात नहीं होना चाहिए। चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों का सभी को पालन करना चाहिए। कुछ थानों में जाति विशेष के अधिकारियों की पोस्टिंग की गई है। इसकी शिकायत की जाएगी।

प्रेमपाल सिंह यादव, सपा जिलाध्यक्ष

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भाजपा सरकारी खर्च पर चुनावी रैलियां कर रही थी। जुगाड़ से भीड़ जुटाई जा रही थी। जबकि जनता भाजपा की नीतियों और महंगाई की मार से त्रस्त है। बसपा सुप्रीमो मायावती के नेतृत्व में कुशल प्रशासन वाली सरकार लोगों की आज भी पहली पसंद है। निसंदेह बसपा मजबूती से चुनाव लड़ेगी और जीत हासिल करेगी। बूथ और सेक्टर तक हम संगठन को मजबूत कर चुके हैं। वैसे रैलियों पर पूरी रोक लगाना गलत है। कम से कम स्टार प्रचारकों की सभाएं व नुक्कड़ बैठकों को अनुमति देनी चाहिए थी।

हेमेंद्र गौतम, बसपा जिलाध्यक्ष

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पंजाब में पीएम की प्रस्तावित रैली में सत्तर हजार की भीड़ जुटाने की तैयारी करने वाली भाजपा सात सौ लोगों को नहीं जुटा सकी। इसके बाद कैसा खेल खेला गया, सब जानते हैं। भाजपा की सभाओं में जब सरकारी इंतजाम के बाद भी भीड़ आना बंद हो गई तो चुनाव आयोग ने रैलियां बंद करने की घोषणा कर दी। आज तक इस तरह का फैसला आयोग ने नहीं लिया। संवैधानिक संस्थाएं भी केंद्र सरकार के इशारों पर काम कर रही हैं। कांग्रेस को इससे फर्क नहीं पड़ता। हम सप्ताह भर में प्रत्याशियों की घोषणा कर देंगे।

ओमकार सिंह, कांग्रेस जिलाध्यक्ष